'व्यापार समझौतों से पीछे हटे तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम' ट्रम्प ने देशों को दी चेतावनी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमुख टैरिफ व्यवस्था रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापारिक साझेदार देशों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा है कि हालिया व्यापार समझौतों से पीछे हटने या "खेल खेलने" की कोशिश करने वाले देशों को पहले से कहीं अधिक सख्त आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है.

नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रमुख टैरिफ व्यवस्था को रद्द किए जाने के कुछ ही दिनों बाद वैश्विक व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है. अदालत के फैसले ने जहां प्रशासन की पहले से लागू शुल्क नीति को झटका दिया, वहीं ट्रम्प ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं.
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीधे तौर पर उन देशों को चेतावनी दी है, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते किए हैं. उन्होंने कहा कि यदि कोई देश समझौतों से पीछे हटने या "खेल खेलने" की कोशिश करेगा, तो उसे पहले से कहीं अधिक कठोर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
ट्रम्प की सख्त चेतावनी
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तीखा संदेश जारी करते हुए लिखा "जो भी देश सुप्रीम कोर्ट के इस हास्यास्पद फैसले के साथ खिलवाड़ करना चाहेगा, विशेषकर वे देश जिन्होंने वर्षों, यहाँ तक कि दशकों से अमेरिका का शोषण किया है, उन्हें हाल ही में सहमत हुए टैरिफ से कहीं अधिक और बदतर स्थिति का सामना करना पड़ेगा. सावधान रहें!"
उनके इस बयान ने संकेत दिया कि प्रशासन व्यापारिक मोर्चे पर आक्रामक रुख बनाए रखने के पक्ष में है.
अन्य कानूनी प्रावधानों के सहारे टैरिफ
सोमवार को कई पोस्ट के माध्यम से ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि टैरिफ के दबाव को बरकरार रखने के लिए वे वैकल्पिक व्यापार कानूनों का उपयोग कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए शुल्कों को अमान्य ठहराया था, लेकिन ट्रम्प का कहना है कि इस फैसले ने और सख्त कदम उठाने की संभावनाओं को खुला छोड़ा है.
उन्होंने दावा किया कि अदालत के निर्णय ने अन्य कानूनी धाराओं के तहत टैरिफ लगाने के उनके अधिकार की पुष्टि की है,"जो कि पहले इस्तेमाल किए गए टैरिफ की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली और आपत्तिजनक तरीके से, कानूनी निश्चितता के साथ किया जा सकता है."
नए लाइसेंस शुल्क की संभावना
ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि व्यापारिक साझेदार देशों पर नए लाइसेंस शुल्क लगाए जा सकते हैं. हालांकि इस प्रस्ताव की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की गई है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के प्रवक्ता ने इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
बाजार में अनिश्चितता का माहौल
प्रशासन के अगले कदम को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है. शुक्रवार को ट्रम्प ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी.
लेकिन अगले ही दिन इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया, जो इस कानून के तहत अधिकतम अनुमत सीमा है. यह 15 प्रतिशत शुल्क मंगलवार को पूर्वी मानक समयानुसार रात 12:01 बजे से प्रभावी होगा.
इसी दौरान, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन दिन बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग अमान्य घोषित किए गए आईईईपीए शुल्कों की वसूली बंद कर देगा.
यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर विराम
ब्रुसेल्स में यूरोपीय संसद ने ट्रम्प द्वारा अस्थायी शुल्क लागू किए जाने के बाद अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर मतदान स्थगित कर दिया है.
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यूरोपीय संघ के उत्पादों पर 15 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क लगाया जाना था. हालांकि सैकड़ों खाद्य वस्तुओं, विमान पुर्जों, महत्वपूर्ण खनिजों और दवा सामग्री को छूट दी जानी थी. इसके बदले यूरोपीय संघ कई अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क समाप्त करने वाला था.
धारा 301 के तहत नई जांच की तैयारी
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने सप्ताहांत में संकेत दिया कि प्रशासन कई देशों की कथित अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के खिलाफ धारा 301 के तहत नई जांच शुरू कर सकता है. यह कदम अतिरिक्त टैरिफ लगाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है.


