होर्मुज तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन को झटका, US नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन का अचानक इस्तीफा
अमेरिकी डिफेंस सिस्टम में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है. पेंटागन ने बुधवार को अचानक घोषणा की कि US नेवी सेक्रेटरी जॉन फैलन अपने पद से हट रहे हैं. हालांकि, फैलन के इस्तीफे के पीछे का कारण नहीं बताया गया. फैलन के जाने के बाद, नेवी के अंडर सेक्रेटरी हंग काओ को एक्टिंग चीफ नियुक्त किया गया है.

नई दिल्ली: अमेरिका में रक्षा तंत्र के भीतर एक और बड़ा बदलाव सामने आया है. पेंटागन ने बुधवार को अचानक घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना के सचिव जॉन फेलन अपने पद से हट रहे हैं. यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अमेरिकी नौसेना ईरान से जुड़े जहाजों पर निगरानी और कार्रवाई में जुटी हुई है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान किसी सैन्य सेवा प्रमुख के पद छोड़ने का यह पहला मामला है. हालांकि फेलन के इस्तीफे के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन यह घटनाक्रम उस वक्त हुआ है जब क्षेत्र में सीजफायर की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और होर्मुज में सैन्य गतिविधियां तेज हैं.
कार्यवाहक प्रमुख के तौर पर हंग काओ ने संभाली जिम्मेदारी
फेलन के पद छोड़ने के बाद नौसेना के अवर सचिव हंग काओ को कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है. काओ एक अनुभवी सैन्य अधिकारी हैं, जिनके पास करीब 25 साल का युद्ध अनुभव है.
उन्होंने वर्जीनिया से अमेरिकी सीनेट और हाउस के लिए चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हो सकी थी.
पेंटागन में लगातार बदलाव की कड़ी
जॉन फेलन का जाना पेंटागन में चल रहे बड़े स्तर के फेरबदल का हिस्सा माना जा रहा है. इससे पहले रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटा दिया था.
पिछले साल से अब तक कई वरिष्ठ जनरलों, एडमिरलों और रक्षा अधिकारियों को हटाया जा चुका है, जिससे शीर्ष सैन्य नेतृत्व में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है.
कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को पहले भी हटाया गया
यह प्रक्रिया फरवरी 2025 में तेज हुई थी, जब नौसेना की वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी और वायु सेना के उच्च अधिकारी जनरल जिम स्लाइफ को उनके पदों से हटाया गया था.
इसके अलावा, ट्रंप ने जनरल चार्ल्स 'CQ' ब्राउन जूनियर को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष पद से भी हटाया था.
इस्तीफे से ठीक पहले सक्रिय थे फेलन
इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले फेलन ने वॉशिंगटन में आयोजित नौसेना के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने नौसेना से जुड़े अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया.
सोशल मीडिया पर साझा जानकारी के अनुसार, उन्होंने नौसेना के बजट और नए जहाजों के निर्माण को लेकर ‘हाउस आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी’ के नेताओं के साथ भी चर्चा की थी.
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने अपने बयान में कहा कि फेलन प्रशासन छोड़ रहे हैं और यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा.
ट्रंप के करीबी और बड़े डोनर थे फेलन
जॉन फेलन को ट्रंप के करीबी और उनके चुनाव अभियान के बड़े डोनर के रूप में देखा जाता रहा है. उन्होंने ‘रगर मैनेजमेंट LLC’ नाम की एक निजी निवेश फर्म की स्थापना की थी.
दिलचस्प बात यह है कि फेलन का सेना में कोई प्रत्यक्ष अनुभव नहीं था और न ही उनके पास पहले किसी सैन्य सेवा में सिविलियन नेतृत्व का अनुभव था.
उनका जुड़ाव ‘स्पिरिट ऑफ अमेरिका’ नामक गैर-लाभकारी संस्था के जरिए रहा, जो यूक्रेन और ताइवान की रक्षा से जुड़े प्रयासों का समर्थन करती है.
बढ़ते तनाव के बीच नेवी पर भारी दबाव
फेलन ऐसे समय में पद छोड़कर गए हैं, जब अमेरिकी नौसेना पर काम का दबाव काफी ज्यादा है. मिडिल ईस्ट में नेवी के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हैं या तैनाती की ओर बढ़ रहे हैं.
ट्रंप प्रशासन पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर सीजफायर खत्म होता है, तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है.
कैरिबियन में भी सक्रिय है अमेरिकी नेवी
मिडिल ईस्ट के अलावा अमेरिकी नौसेना कैरिबियन क्षेत्र में भी सक्रिय बनी हुई है. यहां वह कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी से जुड़ी नावों के खिलाफ अभियान चला रही है.
जनवरी में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में भी नेवी की अहम भूमिका रही थी.


