तेहरान में IRGC के अंडरग्राउंड ठिकाने पर अमेरिकी हमला, कई कमांडरों के मारे जाने की आशंका
तेहरान में IRGC के अंडरग्राउंड ठिकाने पर अमेरिकी हमले ने मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा दिया है. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुई इस कार्रवाई ने बड़े सैन्य टकराव की आशंका को और गहरा कर दिया है.

नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक भूमिगत मुख्यालय को निशाना बनाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला अत्याधुनिक B-2 बॉम्बर विमान के जरिए किया गया, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं.
बताया जा रहा है कि इस हमले में बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो खास तौर पर जमीन के भीतर बने मजबूत ठिकानों को नष्ट करने के लिए जाने जाते हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हमले में IRGC के कई वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है.
डबल स्ट्राइक में बढ़ा नुकसान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले हमले के बाद जब राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, तभी एक और हवाई हमला किया गया. इस डबल स्ट्राइक के चलते नुकसान और अधिक बढ़ गया है.
बताया जा रहा है कि इस दौरान बचाव कार्य में जुटे कई लोगों के हताहत होने की भी संभावना है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.
36 घंटे की उड़ान के बाद किया गया हमला
इस ऑपरेशन को CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के निर्देश पर अंजाम दिया गया. कई B-2 बॉम्बर विमानों ने व्हाइट मैन एयर फोर्स बेस से उड़ान भरकर लगभग 36 घंटे की लंबी यात्रा के बाद लक्ष्य पर हमला किया.
इन विमानों ने भारी क्षमता वाले बंकर-बस्टर बम गिराए, जिनका इस्तेमाल इससे पहले ईरानी परमाणु ठिकानों पर भी किया जा चुका है. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि निशाना बनाया गया ठिकाना पूरी तरह तबाह हो चुका है.
वरिष्ठ कमांडरों को बनाया गया निशाना
जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर हमला किया गया, वहां IRGC के कई वरिष्ठ कमांडर मौजूद थे. इस कारण यह माना जा रहा है कि इस हमले में शीर्ष स्तर के अधिकारियों को भारी नुकसान पहुंचा है.
हालांकि, हताहतों की सटीक संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
ट्रंप की धमकी के कुछ घंटों बाद कार्रवाई
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ही घंटों पहले ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया था. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े हमले की चेतावनी दी थी.
ट्रंप ने कहा था कि अगर बुधवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो वह ईरान के ऊर्जा, पानी, गैस और अन्य नागरिक ढांचों को निशाना बनाएंगे.
इसी के साथ मंगलवार को युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने भी कहा कि ईरान पर हमले जारी हैं और आने वाले समय में ये और अधिक तीव्र हो सकते हैं.
ईरान में विरोध की तैयारी
ट्रंप की ओर से ऊर्जा ढांचे पर हमले की चेतावनी के बाद ईरान में प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है. ईरान के युवा और खेल उप-मंत्री अलीरेजा रहीमी ने देशवासियों से अपील की है कि वे बिजली संयंत्रों के पास मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज करें.
उन्होंने युवाओं, कलाकारों और खिलाड़ियों से इसमें भाग लेने का आग्रह किया है, ताकि अमेरिकी हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाई जा सके.


