अमेरिका के आगे झुके वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो! ड्रग तस्करी के मुद्दे पर बातचीत का दिया ऑफर
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अमेरिका से बातचीत की इच्छा जताई है. साथ ही उन्होंने अमेरिका पर सत्ता परिवर्तन और तेल हितों को लेकर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए हैं.

काराकस: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में वे अमेरिका से बातचीत और समझौते के लिए तैयार हैं. यह बयान उन्होंने स्टेट टेलीविजन पर प्रसारित एक पहले से रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू में दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है.
स्पेन के वरिष्ठ पत्रकार इग्नासियो रामोनेट के साथ बातचीत में राष्ट्रपति मादुरो ने साफ किया कि अगर अमेरिका वास्तव में ड्रग तस्करी को रोकने के लिए गंभीर है, तो वेनेजुएला सहयोग करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर "तथ्यों और आंकड़ों के साथ गंभीर बातचीत" शुरू करना चाहती है. मादुरो के मुताबिक, इस तरह की बातचीत दोनों देशों के लिए जरूरी हो चुकी है.
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
हालांकि सहयोग की बात के साथ-साथ मादुरो ने अमेरिका पर कड़े आरोप भी लगाए. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन चाहता रहा है. मादुरो का कहना है कि कैरेबियन सागर में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का असली मकसद देश के विशाल तेल भंडार तक पहुंच बनाना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका दबाव, धमकी और ताकत के जरिए अपनी शर्तें थोपना चाहता है.
तेल और निवेश को लेकर बोले मादुरो
राष्ट्रपति मादुरो ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका को वेनेजुएला का तेल चाहिए, तो उनकी सरकार अमेरिकी निवेश के लिए तैयार है. उन्होंने खास तौर पर अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन का जिक्र किया और कहा कि अमेरिका जब चाहे, जहां चाहे और जैसे चाहे, निवेश कर सकता है. गौरतलब है कि शेवरॉन फिलहाल एकमात्र बड़ी अमेरिकी कंपनी है, जो वेनेजुएला का कच्चा तेल अमेरिका को निर्यात कर रही है.
CIA से जुड़े कथित हमले पर चुप्पी
इंटरव्यू के दौरान मादुरो ने पिछले हफ्ते वेनेजुएला के एक डॉकिंग क्षेत्र में हुए कथित CIA नेतृत्व वाले हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि उस क्षेत्र का इस्तेमाल ड्रग कार्टेल करते थे. मादुरो ने इस मुद्दे पर सीधे कुछ न कहते हुए कूटनीतिक चुप्पी बनाए रखी.
ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख
यह इंटरव्यू ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने ड्रग तस्करी के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. नए साल की पूर्व संध्या पर रिकॉर्ड किए गए इस इंटरव्यू वाले दिन ही अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी में शामिल पांच संदिग्ध नौकाओं पर हमले का दावा किया था.
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, हालिया कार्रवाइयों के बाद कुल 35 नावों पर हमले हो चुके हैं और कम से कम 115 लोगों की मौत हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन सैन्य कार्रवाइयों को अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम बताया है. उनका कहना है कि अमेरिका ड्रग कार्टेल के खिलाफ सीधे सशस्त्र संघर्ष में है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानता है.


