कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक झड़पें, गोलीबारी में 8 की मौत, 30 से अधिक घायल

ईरान पर अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के कराची में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन भड़क उठा. गुस्साई भीड़ ने अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया, गेट तोड़ने की कोशिश की और आगजनी की. हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कराची में रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हालात उस समय बेकाबू हो गए जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कथित गोलीबारी में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह विरोध प्रदर्शन अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के खिलाफ भड़का था.

शुरुआत में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया गया था, लेकिन जैसे ही भीड़ ने राजनयिक परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की, तनाव तेजी से बढ़ गया. हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

वाणिज्य दूतावास के पास भड़की हिंसा

कराची के राजनयिक क्षेत्र के नजदीक शिया समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी सुल्तानबाद से माई कोलाची की ओर मार्च कर रहे थे और इस दौरान "अमेरिका मुर्दाबाद", "इजरायल मुर्दाबाद" और "ईरान जिंदाबाद" जैसे नारे गूंजते रहे.

अधिकारियों ने भारी भीड़ को देखते हुए एमटी खान रोड और आसपास के प्रमुख मार्गों को सील कर दिया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

गोलीबारी की खबर, आधिकारिक पुष्टि नहीं

झड़प के दौरान गोलीबारी की सूचना सामने आई. अमेरिकी वाणिज्य दूतावास परिसर के अंदर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया था क्योंकि प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे.

पाकिस्तान के समा टीवी चैनल ने दावा किया कि दूतावास में तैनात सैन्य कर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी में आठ से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए और 30 से अधिक घायल हुए. हालांकि, पाकिस्तानी और अमेरिकी अधिकारियों ने इन हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है. स्थानीय मीडिया की गोलीबारी और मौतों संबंधी रिपोर्टों की भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.

शहरभर में फैला विरोध

खामेनेई की मौत पर शोक जताने के लिए कराची की मस्जिदों और इमामबाड़ों में लोग एकत्र हुए थे. इसके बाद प्रदर्शन नशीम चौक सहित कई इलाकों में फैल गए.कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने विदेशी राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सड़कों को बंद कर दिया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए.

क्षेत्रीय तनाव का असर

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों और खामेनेई की कथित हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. इस घटना के विरोध में कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, रविवार देर रात तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी और वाणिज्य दूतावास क्षेत्र के आसपास व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी थे.

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