आखिर फारस की खाड़ी में ही क्यों सिमटा है दुनिया की ऊर्जा का केंद्र? जानिए इसके पीछे की कहानी

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता भले ही सुर्खियां बटोर रही हो, लेकिन इसके पीछे का सवाल कहीं ज्यादा दिलचस्प है. आखिर दुनिया के इतने सारे तेल और गैस के भंडार फारस की खाड़ी के आसपास ही क्यों हैं? आइए समझते है इसके पीछे का पूरा विज्ञान.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता भले ही सुर्खियों में हो, लेकिन इसके पीछे छिपा असली सवाल कहीं ज्यादा दिलचस्प है -आखिर दुनिया का इतना बड़ा तेल और गैस भंडार Persian Gulf के आसपास ही क्यों केंद्रित है? यही वह इलाका है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा निकलता है.

दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग आधा और गैस का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी के सिर्फ 3 प्रतिशत क्षेत्र में सिमटा हुआ है. यह कोई संयोग नहीं, बल्कि करोड़ों साल की भूगर्भीय प्रक्रियाओं और प्राकृतिक संरचनाओं का परिणाम है, जिसने इस क्षेत्र को ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बना दिया.

करोड़ों साल पुराने इतिहास में छिपा राज

इस रहस्य की शुरुआत करीब 3.5 करोड़ साल पहले हुई थी, जब यहां Tectonic Plates, अरब प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराईं.

इस टकराव से जमीन के भीतर ऐसी संरचनाएं बनीं, जो तेल और गैस को जमा करने के लिए बिल्कुल उपयुक्त थीं. ईरान के हिस्से में इससे 'जाग्रोस' पर्वतमाला बनी, जबकि अरब क्षेत्र में गुंबदनुमा संरचनाएं तैयार हुईं, जो हजारों किलोमीटर तक फैली हैं.

समुद्र के नीचे बनी ऊर्जा की फैक्ट्री

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, लाखों साल पहले यह पूरा क्षेत्र एक उथले समुद्र के नीचे था. यहां बड़ी मात्रा में समुद्री जीव, प्लवक और शैवाल मौजूद थे.

जब ये जीव मरकर समुद्र की तलहटी में जमा हुए, तो समय के साथ उन पर तलछट की मोटी परतें चढ़ती गईं. उच्च तापमान और दबाव के कारण ये जैविक अवशेष धीरे-धीरे हाइड्रोकार्बन यानी तेल और गैस में बदल गए.

'सोर्स रॉक्स' की अनोखी खासियत

तेल बनने के लिए चट्टानों में कम से कम 2% कार्बनिक पदार्थ जरूरी होता है, लेकिन फारस की खाड़ी की चट्टानों में यह मात्रा 1% से 13% तक पाई जाती है.

यहां की 'सोर्स रॉक्स' बेहद समृद्ध और मोटी हैं, जो लंबे समय तक लगातार तेल पैदा करती रहीं. ईरान की चूना पत्थर वाली चट्टानें स्पंज की तरह काम करती हैं, जिनमें मौजूद छोटे छेद और दरारें तेल और गैस को आसानी से जमा और संरक्षित रखती हैं.

अभी भी खत्म नहीं हुआ खजाना

सौ साल से ज्यादा समय से तेल उत्पादन के बावजूद वैज्ञानिक मानते हैं कि इस क्षेत्र में अभी भी विशाल भंडार मौजूद हैं.

US Geological Survey के अनुसार, अरबों बैरल तेल और ट्रिलियन क्यूबिक मीटर गैस अब भी ऐसी चट्टानों में छिपी हो सकती है, जिन्हें अभी तक खोजा नहीं गया है.

नई तकनीकों के जरिए अब सऊदी अरब और यूएई जैसे देश उन भंडारों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जो पहले पहुंच से बाहर थे.

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