संवेदनशील मुद्दों पर सीधे ट्रंप से होगी बात, अमेरिकी शांति योजना पर बोले जेलेंस्की

यूक्रेन और अमेरिका ने जिनेवा वार्ता के बाद शांति योजना में बड़े संशोधन किए, विवादित बिंदु घटाकर 19 किए गए. जेलेंस्की संवेदनशील मुद्दों पर सीधे ट्रंप से बात करना चाहते हैं. अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा है और नया मसौदा अधिक संतुलित माना जा रहा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की ने सोमवार को पुष्टि की कि अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद प्रस्तावित शांति योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ बेहद संवेदनशील विषय ऐसे हैं जिन्हें वह सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उठाएंगे. जेलेंस्की का यह बयान तब आया है जब जिनेवा में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी प्रस्ताव में संशोधन पर उच्च-स्तरीय वार्ता करके लौटा है. एक ऐसी योजना जिसे कीव ने शुरुआत में अस्वीकार कर दिया था.

जिनेवा वार्ता के बाद योजना के बिंदु हुए कम

टेलीग्राम पर साझा किए गए संदेश में जेलेंस्की ने बताया कि सप्ताहांत की मीटिंग में प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि अब युद्ध को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदमों की सूची अधिक स्पष्ट हो गई है. उन्होंने लिखा कि अब कम बिंदु बचे हैं. पहले 28 थे, अब इससे काफी कम और कई अहम तत्वों को नई रूपरेखा में शामिल किया गया है.

जेलेंस्की ने माना कि दस्तावेज को अंतिम रूप देना अभी भी चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन को वह सकारात्मक मानते हैं. दुनिया का अधिकांश हिस्सा हमारी मदद को तैयार है और अमेरिकी पक्ष भी रचनात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है.

संवेदनशील मुद्दों पर ट्रंप से सीधी चर्चा

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों ने उन्हें नए मसौदे के प्रमुख बिंदुओं से अवगत कराया है. वे कुछ मुद्दों पर स्वयं ट्रंप से संवाद करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम सम्मानजनक शांति चाहते हैं. यूक्रेन शांति में बाधा नहीं बनेगा. हम तैयार हैं कि जितनी जल्दी हो सके आगे बढ़ा जाए.

विवादित 28-सूत्रीय प्रस्ताव

जिनेवा वार्ता उन दस्तावेजों के लीक होने के बाद शुरू हुई जिनमें अमेरिकी योजना के तहत कई विवादित सुझाव शामिल थे, जैसे कि यूक्रेन से क्षेत्रीय रियायतें, सेना पर सीमाएं और रूसी युद्ध अपराधों से छूट. इन प्रस्तावों ने कीव ही नहीं बल्कि कई यूरोपीय देशों में भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा की. बाद में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्वीकार किया कि मसौदे में जबरदस्त प्रगति हुई है. हालांकि उन्होंने ऐसे मुद्दों का खुलासा करने से इनकार किया जो अभी भी अनसुलझे हैं और कहा कि स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है.

बिंदु, कई विवादित शर्तें हटाईं गईं

जिनेवा बातचीत के बाद अमेरिका और यूक्रेन ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि दस्तावेज को अपडेट किया गया है. यूक्रेन के उप विदेश मंत्री के अनुसार, संशोधित रूपरेखा में अब सिर्फ 19 बिंदु हैं और मूल प्रस्ताव के कई विवादित हिस्सों को हटा दिया गया है.

यूरोपीय देशों द्वारा हटाई गई प्रमुख मांगें

डोनबास के कई नगरों को रूस को हस्तांतरित करने की मांग हटाई गई. नाटो सदस्यता रोकने वाली भाषा को हटाया गया.  यूक्रेनी सेना पर सीमा लगाने का सुझाव हटाया गया. रूसी युद्ध अपराधियों को किसी भी बड़े स्तर की माफी देने का प्रस्ताव भी खत्म किया गया. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने नए मसौदे को काफी संशोधित और अधिक संतुलित बताया.

ट्रंप का बदला रुख 

हाल ही में ट्रंप ने यूक्रेन पर कृतज्ञता की कमी का आरोप लगाया था, लेकिन नए मसौदे को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ अच्छा होने वाला है. वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि जिनेवा वार्ता के बाद यूक्रेन-अमेरिका कई महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमति पर पहुंचे हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जेलेंस्की और ट्रंप की इस सप्ताह कोई बैठक तय नहीं है.

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