यूक्रेन के समर्थन में भारत? जेलेंस्की ने ट्रंप के बयान को किया खारिज!
Zelensky fact-checks Trump: यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ट्रंप के उस बयान का खंडन किया जिसमें भारत को रूस-यूक्रेन युद्ध का वित्तपोषक बताया गया था. उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन के साथ है, लेकिन ऊर्जा संबंधी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं.

Zelensky fact-checks Trump: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने असहमति जताई है. ट्रंप ने दावा किया था कि भारत और चीन जैसे देश रूस की ऊर्जा खरीद के जरिए इस युद्ध को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं. इसके जवाब में ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि भारत अधिकतर यूक्रेन के पक्ष में है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऊर्जा व्यापार से जुड़ी कुछ चुनौतियां हैं, जिन्हें सुलझाना ज़रूरी है.
ज़ेलेंस्की ने यह बात एक इंटरव्यू में कही. उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रंप पर भरोसा है कि वे ऊर्जा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत आने वाले समय में रूस की ऊर्जा नीतियों को लेकर अपने रुख में बदलाव करेगा.
ट्रंप ने संबोधन में क्या कहा?
यूक्रेनी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में ट्रंप ने एक घंटे के संबोधन में भारत और चीन को रूस के प्रमुख आर्थिक समर्थकों में बताया था. ट्रंप का कहना था कि इन देशों द्वारा रूसी तेल और गैस की खरीद रूस को युद्ध जारी रखने के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है.
हालांकि, ज़ेलेंस्की ने कहा कि भारत से रिश्ते मजबूत करने और यूरोपीय देशों के साथ सामंजस्य बढ़ाने से भारत की भूमिका और सकारात्मक हो सकती है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान कभी यूक्रेन के पक्ष में नहीं होगा, क्योंकि वह अमेरिका के खिलाफ है.
यूक्रेन में शांति स्थापित पर नवारो ने क्या कहा?
इस बीच पीटर नवारो ने हाल ही में कहा कि यूक्रेन में शांति स्थापित करने की दिशा में नई दिल्ली की भूमिका अहम हो सकती है. प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत का ज़िक्र करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा था कि कीव को युद्ध समाप्ति में भारत की भूमिका पर भरोसा है.
भारत ने कई बार स्पष्ट किया है कि रूस के साथ उसका ऊर्जा व्यापार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करता. भारत ने यह भी कहा है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा. ज़ेलेंस्की ने अंत में कहा कि युद्ध का अंत निकट हो सकता है, लेकिन इसके लिए सभी पक्षों को ईमानदार प्रयास करने होंगे.


