ऑनलाइन स्पर्म डोनर की कर रहे हैं तलाश, तो पहले इन चार बातों का रखें ध्यान
ऐसा अनुमान है कि पिछले दस वर्षों में स्पर्म डोनर करने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट के माध्यम से 4,000 से अधिक बच्चों का जन्म हुआ है. केवल 2022 में ही एक निजी फेसबुक समूह के माध्यम से प्राप्त स्पर्म से कथित तौर पर 692 बच्चों का जन्म हुआ.

स्पर्म डोनर की तलाश कर रहे लोग ‘फर्टिलिटी क्लिनिक’ जा सकते हैं, किसी मित्र से दान करने के लिए कह सकते हैं या किसी ऐप अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन डोनर की तलाश कर सकते हैं. समलैंगिक रिश्तों में रहने वाली महिलाएं, एकल महिलाएं और अन्य लोग कई कारणों से ऑनलाइन विकल्प चुन रहे हैं. लेकिन इसके साथ कई तरह की चुनौतियां और जोखिम भी जुड़े हुए हैं. सबसे पहले जानिए क्या है यह बात.
यह एक लोकप्रिय विकल्प है
ऐसा अनुमान है कि पिछले दस वर्षों में स्पर्म डोनर करने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट के माध्यम से 4,000 से अधिक बच्चों का जन्म हुआ है. केवल 2022 में ही एक निजी फेसबुक समूह के माध्यम से प्राप्त स्पर्म से कथित तौर पर 692 बच्चों का जन्म हुआ.
कुछ स्पर्म डोनर और शुक्राणु रिसीवर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चुनते हैं, क्योंकि वे दूसरे पक्ष के साथ शीघ्र ही संबंध और मित्रता बनाना चाहते हैं. कुछ मामलों में स्पर्म डोनर, रिसीवर और उनके स्पर्म से पैदा हुए बच्चे के जीवन से जुड़े रहना चाहते हैं. लेकिन कुछ स्पर्म डोनर गुमनाम रहने के लिए ऑनलाइन माध्यम अपनाते हैं, जो कि क्लिनिक के माध्यम से दान करते समय आमतौर पर संभव नहीं होता.
कुछ लोग ऑनलाइन स्पर्म डोनर का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में ‘फर्टिलिटी क्लीनिक’ में शुक्राणु दाता तक पहुंच की लागत बहुत अधिक है. कुछ क्लीनिक दाता के स्पर्म डोनेट करने की प्रक्रिया के प्रबंधन का शुल्क लगभग 2,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर लेते हैं. इससे लोगों को अपने द्वारा चुने गए डोनर के बारे में जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलती है.
इसके अलावा गर्भाधान और स्पर्म की लागत भी है, जो प्रति चक्र लगभग 2,500 अमेरिकी डॉलर है. ऑस्ट्रेलिया में ऑनलाइन स्पर्म डोनेट करना परोपकारी कार्य होता है और इसमें कोई खर्च नहीं आता. ग्रामीण अथवा क्षेत्रीय इलाकों में रहने वाले लोग ‘फर्टिलिटी क्लीनिक’ से बहुत दूर रहते हैं, जिससे उन तक पहुंच पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. फिर क्लीनिक में अक्सर दान किए जाने वाले शुक्राणु की कमी होती है. खास तौर पर, दाता में जातीय और सांस्कृतिक विविधता की कमी होती है.
ऑनलाइन शुक्राणु की तलाश करने का कारण चाहे जो भी हो, पहले कुछ मुद्दों पर विचार करना आवश्यक है.
अज्ञात मेडिकल फेक्टर्स
‘फर्टिलिटी क्लीनिक’ में स्पर्म डोनर को बच्चे में रोग संचारित होने के जोखिम को कम करने के लिए चिकित्सीय, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक जांच से गुजरना पड़ता है. हालांकि, ऑनलाइन शुक्राणु दाता लोगों को बिना जांचे शुक्राणु दे सकते हैं, जिनमें यौन संचारित संक्रमण या वंशानुगत आनुवंशिक रोग हो सकते हैं. इससे रिसीवर और संभावित बच्चे को खतरा हो सकता है, क्योंकि स्पर्म डोनर के बारे में चिकित्सीय जानकारी का अभाव होता है.
मनोवैज्ञानिक, व्यक्तिगत, सामाजिक जोखिम
जब लोग किसी संभावित ऑनलाइन शुक्राणु दाता से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए सहमत होते हैं तो वे जोखिम में पड़ सकते हैं. ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां संभावित दाता ने मिलने के बाद लोगों पर प्राकृतिक गर्भाधान (संभोग) के लिए दबाव डाला है. ऐसा इसके बावजूद हुआ है, जब स्पर्म डोनर शुरू में घरेलू गर्भाधान के लिए शुक्राणु उपलब्ध कराने के लिए सहमत हो गए थे.
ये सुरक्षा और शोषण संबंधी चिंताएं समलैंगिक महिला जोड़ों के मामलों में विशेष रूप से प्रासंगिक हैं. इसके अलावा वे लोग जो समान लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं, जो गर्भधारण करने के लिए किसी पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर या विवश महसूस कर सकते हैं.
कानूनी तौर पर, यह एक संदेहास्पद क्षेत्र है
ऑस्ट्रेलिया में जो पुरुष ‘फर्टिलिटी क्लिनिक’ को स्पर्म डोनेट करता है, उसके दान के परिणामस्वरूप पैदा हुए बच्चे के प्रति उसका कोई कानूनी अधिकार या दायित्व नहीं होता. हालांकि, अनौपचारिक रूप से दान किए गए शुक्राणु का उपयोग करके गर्भ धारण करना कानूनी रूप से जोखिम भरा हो सकता है. हमें ऑस्ट्रेलिया में ऑनलाइन स्पर्म डोनेट से जुड़े माता-पिता के बारे में कानूनी विवादों के किसी भी मामले की जानकारी नहीं है.
हालांकि, यदि यह प्रथा बढ़ती रही, तो न्यायालय को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता पड़ सकती है, यदि कोई दाता, दाता द्वारा गर्भित बच्चे से संबंधित कुछ अधिकारों का प्रयोग मां की इच्छा के विरुद्ध करना चाहता है.
बच्चे के लिए क्या सर्वोत्तम है?
डोनर के जरिए गर्भधारण करने वाले कई लोग अपने डोनर के बारे में जानकारी और उससे संपर्क चाहते हैं. चिकित्सा संबंधी जानकारी सहित अन्य जानकारी की कमी मनोवैज्ञानिक, चिकित्सा और सामाजिक नुकसान में योगदान दे सकती है.
इसलिए लोगों को ध्यान से विचार करना चाहिए कि यह व्यवस्था गर्भ में पल रहे किसी भी बच्चे पर क्या प्रभाव डाल सकती है. इसमें एक ही दाता के शुक्राणु से गर्भ में पल रहे किसी भी भाई-बहन से मिलने की उनकी संभावित इच्छा भी शामिल है.


