आज इस समय होगी सेहरी, जानें 28 फरवरी के लिए इफ्तार का सटीक समय

रमजान का पाक महीना आ गया है, और मुस्लिम भाई-बहन पूरे जोश के साथ रोजे रख रहे हैं. इस मुबारक महीने में सुबह की सेहरी और शाम की इफ्तार का तो खासा मजा और अहमियत होती है. सेहरी से दिन की शुरुआत होती है और इफ्तार के साथ रोजा पूरा होने की खुशी मिलती है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

रमजान 2026:  रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीना माना जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में लीन रहते हैं. यह महीना चंद्रमा के नए चांद दिखने के साथ शुरू होता है और आमतौर पर 29 या 30 दिनों तक चलता है. इस दौरान लोग सेहरी और इफ्तार के साथ-साथ कुरान की तिलावत, नमाज और दान-पुण्य पर विशेष ध्यान देते हैं.रमजान न केवल शारीरिक अनुशासन सिखाता है, बल्कि आत्मिक शुद्धि, सब्र, शुक्र और इंसानियत जैसे गुणों को भी मजबूत करता है. इस पवित्र महीने के अंत में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो खुशियों और भाईचारे का प्रतीक है.

ईद-उल-फितर कब मनाई जाती है?

रमजान के आखिरी दिन के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाती है. इस दिन लोग अपने अपनों के साथ मिलकर खुशियां बांटते हैं, नई पोशाक पहनते हैं, मीठा खाते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं. यह त्योहार जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है.

सेहरी और इफ्तार क्या होते हैं?

रमजान में रोजेदारों के लिए सेहरी और इफ्तार दो सबसे अहम हिस्से हैं.

सेहरी - यह सुबह सूर्योदय से पहले लिया जाने वाला भोजन है. सेहरी के बाद फज्र की नमाज अदा की जाती है, जो सुबह की पहली नमाज है. इसके बाद पूरे दिन कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता.

इफ्तार - शाम को सूर्यास्त के बाद रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं. यह मगरिब की नमाज के बाद होता है, जो शाम की नमाज है. इफ्तार से रोजा पूरा होता है और लोग खजूर, पानी या अन्य चीजों से रोजा तोड़ते हैं.

28 फरवरी 2026 के लिए सेहरी और इफ्तार की टाइमिंग

28 फरवरी 2026 को दिल्ली (और आसपास के क्षेत्रों) में सेहरी सुबह 05:29 बजे और इफ्तार शाम 06:20 बजे है.  टाइमिंग शहर के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है, जैसे लखनऊ में सेहरी 05:14 बजे और इफ्तार 06:06 बजे.

रमजान का असली मतलब और सीख

रमजान का असली मतलब सब्र, शुक्र और इंसानियत से जुड़ा है. सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करने से इंसान ईश्वर के करीब पहुंचता है और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता है. यह महीना अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और नैतिक सुधार सिखाता है. रमजान में लोग निम्नलिखित प्रयास करते हैं-  

बुरी बातों और आदतों से दूर रहना. 

  • झूठ बोलने से बचना, गुस्से पर काबू रखना और बुरी सोच-कर्म छोड़ना.  

  • सब्र करना सीखना, क्योंकि सब्र ने जग जीत लिया तो समझो सब कुछ जीत लिया.  

  • दिल में नफरत न रखना और दिमाग को साफ-सुथरा रखना.

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