मिताली जैसा कोई नहीं

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फार्मेट्स से संन्यास ले लिया है। उन्होंने ट्वीट कर ये जानकारी दी। मिताली ने सभी को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है।

Janbhawana Times

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फार्मेट्स से संन्यास ले लिया है। उन्होंने ट्वीट कर ये जानकारी दी। मिताली ने सभी को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा कि वे अपनी दूसरी इनिंग्स पर ध्यान देंगी। हालांकि, उन्होंने ये जाहिर नहीं किया है कि ये दूसरी पारी क्या होगी। मिताली राज ने 2019 में T20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया था। उन्होंने ने 89 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 2,364 रन बनाए, जो इस फॉर्मेट में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा है। मिताली राज ने टीम इंडिया के लिए 26 जून 1999 को डेब्यू किया था। वो पिछले 23 साल से भारतीय टीम के लिए खेल रही थी।

39 साल की मिताली ने टीम इंडिया के लिए दस हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। मिताली ने साल 2000 में भारत के लिए पहला वर्ल्ड कप खेला था। इसके बाद 2005, 2009, 2013, 2017 और 2022 में भी वो टीम इंडिया के लिए मैदान पर खेलने उतरीं। सबसे ज्यादा विश्व कप खेलने के मामले में मिताली ने न्यूजीलैंड की पूर्व क्रिकेटर डेब्बी हॉकली और इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़ा था। मिताली के बाद झूलन गोस्वामी भारत के लिए सबसे ज्यादा विश्व कप खेलने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने भी भारत के लिए पांच विश्व कप में हिस्सा लिया है। मिताली राज के आलावा सचिन तेंदुलकर भारत के लिए एकमात्र क्रिकेटर हैं जिन्होंने 6 विश्व कप खेले हैं।

सचिन भारत के लिए 1992 से लेकर 2011 तक भारत के लिए छह विश्व कप खेले और अपने आखिरी विश्व कप में जीत हासिल की। मिताली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 232 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में रिकॉर्ड 7805 रन बनाए। उन्होंने 12 टेस्ट और 89 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह 39 वर्षीय बल्लेबाज पहले ही टी20 प्रारूप से संन्यास ले चुकी है और मार्च में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप में भारत का अभियान खत्म होने के बाद उनके संन्यास लेने की उम्मीद की जा रही थी।

मिताली ने संन्यास की घोषणा करते हुए काफी भावुक हो गईं उन्होने ट्विटर पर लिखा कि मैं भारत की नीली जर्सी पहनने की यात्रा पर निकली थी क्योंकि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान होता है। मैंने अपनी यात्रा में कई शीर्ष लम्हे देखे और कुछ मुश्किल दौर का भी सामना किया। इस हर लम्हे ने मुझे कुछ नया सिखाया और पिछले 23 साल मेरे जीवन के सबसे संतोषजनक, चुनौतीपूर्ण और आनंददायक वर्ष रहे। उन्होंने लिखा कि पूरी यात्रा का आनंद लिया इसका भी अंत होना ही था। आज वो दिन है जब मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूप से संन्यास लेती हूं।

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag