भारत टीम को दोनों मैचों में जीत भी नहीं देगी सेमीफाइनल की गारंटी, क्या सूर्या एंड कंपनी का बाहर होना है तय?
भारत और साऊथ अफ्रीका के बीच खेले गए सुपर 8 मुकाबले में भारत को शर्मनाक हार मिली, जिसके बाद सेमीफइनल में पहुंचने का रास्ता बहुत कठिन हो गया है.

T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप में भारत की टीम ग्रुप स्टेज में अपराजित रही, लेकिन सुपर 8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से 76 रनों की करारी हार ने सब कुछ बदल दिया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया यह मैच भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ.
मैच का नतीजा
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट 187 रनों का मजबूत स्कोर बनाया. डेविड मिलर ने 63 रनों की शानदार पारी खेली. जवाब में भारत 111 रनों पर ऑलआउट हो गई. शिवम दुबे ने 42 रन बनाए, लेकिन मार्को जानसेन (4/22) और केशव महाराज (3/24) ने भारत को बड़ा नुकसान पहुंचाया. यह हार भारत की 12 मैचों की जीत की लय को तोड़ दी.
नेट रन रेट का संकट
इस हार से भारत का नेट रन रेट (NRR) -3.800 तक गिर गया. सुपर 8 ग्रुप 1 में साउथ अफ्रीका +3.800 NRR के साथ टॉप पर पहुंच गया, जबकि भारत सबसे नीचे है. ग्रुप में वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे भी हैं, जो अभी अपने मैच खेलेंगे.
दो जीत के बावजूद सेमीफाइनल क्यों मुश्किल?
अगर भारत अपने बाकी दोनों मैच वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत जाता है, तो उसके 4 अंक हो जाएंगे, लेकिन साउथ अफ्रीका अगर एक भी मैच हार जाए तो भी 4 अंक पर पहुंच सकता है. ऐसे में तीन या चार टीमों के बीच 4 अंक हो सकते हैं. फिर सेमीफाइनल में टॉप-2 टीमों का फैसला NRR से होगा.
बता दें, भारत का NRR इतना खराब है कि बड़े अंतर से जीतने के बावजूद उबरना मुश्किल होगा. टीम को अब सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि बहुत बड़े मार्जिन से जीतना होगा. साथ ही उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका या कोई और टीम हार जाए.
गलत रणनीतिक का खामियाजा
मैच में भारत ने चेज करते हुए जल्दी आउट होने की बजाय ज्यादा ओवर खेलने और स्कोर को करीब लाने की कोशिश नहीं की. 'ऑल आउट या कुछ नहीं' वाली सोच ने NRR को और बिगाड़ दिया. अब क्वालिफिकेशन भारत के हाथ में पूरी तरह नहीं है.


