मैच में हाथ मिलाना जरूरी है? क्या है ICC का नियम, टीम इंडिया ने मैच के बाद नहीं किया हैंडशेक, भड़का पाकिस्तान
दुबई में एशिया कप 2025 के ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, लेकिन मैच बाद भारतीय खिलाड़ियों द्वारा हाथ न मिलाने से विवाद खड़ा हो गया. पाकिस्तान ने इसे खेल भावना के विरुद्ध बताया, जबकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि यह बीसीसीआई और टीम प्रबंधन का निर्णय था, जो राष्ट्रीय नीति से जुड़ा है.

Asia Cup 2025: दुबई में रविवार को खेले गए एशिया कप 2025 के ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की. जीत के बाद भी यह मैच चर्चा में रहा, लेकिन क्रिकेट के खेल प्रदर्शन से ज्यादा खिलाड़ियों के व्यवहार ने सुर्खियां बटोरीं. दरअसल, मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया.
इस घटना ने भारत-पाक क्रिकेट संबंधों में तनाव को और गहरा कर दिया. पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा मैच के बाद होने वाले प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भी शामिल नहीं हुए. इस पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि यह निर्णय बीसीसीआई और टीम प्रबंधन का था और कुछ मुद्दे खेल भावना से भी ऊपर होते हैं.
हाथ मिलाने पर क्या कहते हैं ICC के नियम
क्रिकेट में मैच खत्म होने के बाद विरोधी टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाना एक परंपरा माना जाता है. बल्लेबाजी करने वाली टीम आमतौर पर विरोधी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने के लिए मैदान में जाती है और खिलाड़ी एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि हाथ मिलाना अनिवार्य है.
ICC का कोड ऑफ कंडक्ट कहता है कि खिलाड़ियों को विरोधी टीम, अंपायरों और खेल के नियमों का सम्मान करना चाहिए. कोड में यह भी कहा गया है कि क्रिकेट हमेशा खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए. कप्तानों की जिम्मेदारी होती है कि वे निष्पक्ष खेल को बढ़ावा दें. खिलाड़ियों को मैदान पर अनुशासन बनाए रखना चाहिए, अंपायर के फैसले को मानना चाहिए और जीत-हार दोनों परिस्थितियों में सकारात्मक व्यवहार दिखाना चाहिए. हालांकि, हाथ मिलाना अनिवार्य न होने के कारण इसे न करने पर कोई दंड तय नहीं है.
पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय खिलाड़ियों के इस फैसले से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और उनके खिलाड़ियों ने नाराजगी जाहिर की है. पूर्व पाक कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि भारत ने खेल को राजनीति से जोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि हमने युद्ध के समय भी हाथ मिलाया है, लेकिन भारत ने मैदान पर खेल की भावना को आहत किया है. पहलगाम हमले को लेकर आशंकाएं हो सकती हैं, लेकिन जब आप मैदान पर होते हैं तो आपको खेल की मूल भावना का पालन करना चाहिए.
पूर्व पाक तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी इस विवाद पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि क्रिकेट को राजनीतिक मुद्दों से जोड़ना ठीक नहीं है. उनके अनुसार, घर में भी झगड़े होते हैं, लेकिन उन्हें भूलकर आगे बढ़ना चाहिए. खेल में शालीनता और पेशेवर रवैया बनाए रखना जरूरी है.
भारतीय टीम का रुख
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि भारतीय टीम का मकसद केवल क्रिकेट खेलना था और उन्होंने मैदान पर अपना जवाब दे दिया. उन्होंने साफ कहा कि हाथ न मिलाने का फैसला पूरी टीम और बीसीसीआई का था. सूर्यकुमार ने कहा कि कुछ बातें खेल भावना से भी ऊपर होती हैं और हम अपनी सरकार तथा बोर्ड के साथ खड़े हैं.


