रवींद्र जडेजा ने टीम के लिए तोड़ा BCCI का नियम, जानें क्या रही वजह?
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट मैच में कप्तान शुभमन गिल के साथ रवींद्र जडेजा भी अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित करने में कामयाब रहे. जडेजा के बल्ले ने पहले पारी में 89 रन बना कर, दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले उन्होंने BCCI के बड़े नियम को तोड़ दिया.

India vs England: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट के दौरान जडेजा ने शानदार 89 रनों की पारी खेलकर टीम को सही दिशा दिया. लेकिन इस बीच उन्होंने बीसीसीआई की एक अहम गाइडलाइन का उल्लंघन कर दिया. जो चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि बीसीसीआई अपने नियमों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाता है. जडेजा का यह कदम भले ही नियमों के खिलाफ हो, लेकिन इसके पीछे उनकी मंशा पूरी तरह से टीम के हित में थी.
BCCI के नियम का उल्लंघन
बीसीसीआई ने 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद एक नया प्रोटोकॉल लागू किया था. जिसके तहत सभी खिलाड़ियों को टीम बस के साथ ही स्टेडियम आना-जाना अनिवार्य है. इस नियम का मकसद खिलाड़ियों की एकजुटता और अनुशासन को बनाए रखना था. हालांकि, बर्मिंघम टेस्ट के दूसरे दिन जडेजा ने इस नियम को तोड़ते हुए अकेले ही एजबेस्टन स्टेडियम पहुंच गए. लेकिन जडेजा ने इस नियम को तोड़ा, के पीछे उनकी मंशा पूरी तरह से टीम के हित में थी. लीड्स टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद उनकी टीम में जगह को लेकर सवाल उठ रहे थे. इसलिए जडेजा ने थोड़ा ज्यादा प्रैक्टिस के लिए सुबह जल्दी स्टेडियम पहुंचने का फैसला किया. इस बारे में जडेजा ने खुद कहा, "कहीं न कहीं मुझे लगा कि मुझे जाकर अतिरिक्त बल्लेबाजी करनी चाहिए क्योंकि गेंद अभी भी नई थी. मुझे लगा कि अगर मैं नई गेंद का सामना कर सकता हूं तो बाकी पारी के लिए यह आसान हो जाएगा.
जडेजा का एजबेस्टन से खास कनेक्शन
एजबेस्टन का मैदान जडेजा के लिए हमेशा से खास रहा है. 2022 में उन्होंने इस मैदान पर शतक जड़कर ऋषभ पंत के साथ शानदार रनों की साझेदारी की थी. हालांकि उस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार जडेजा इस इतिहास को बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार दिखे. उनकी इस पारी ने न केवल उनकी बल्लेबाजी की काबिलियत को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि वह दबाव में भी टीम के लिए बड़ा योगदान दे सकते हैं.


