तो क्या दूसरी बार U19 विश्वकप नहीं खेल पाएंगे वैभव सूर्यवंशी? जानें क्या है बीसीसीआई का नियम
वैभव सूर्यवंशी (14 वर्ष) ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 80 गेंदों में 175 रन बनाकर भारत को 411/9 पर पहुंचाया और इंग्लैंड को 100 रनों से हराया. उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और फाइनल अवॉर्ड मिला. बीसीसीआई के नए नियम से उनका अंडर-19 सफर खत्म.

स्पोर्टसः 14 साल के कमाल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार रात अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इतिहास रच दिया. उन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रन ठोककर भारत को 411/9 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. इंग्लैंड ने अच्छी कोशिश की, लेकिन 311 पर ऑलआउट होकर 100 रनों से हार गई. वैभव को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और प्लेयर ऑफ द फाइनल दोनों अवॉर्ड मिले. यह पारी अंडर-19 विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया.
रिकॉर्ड तोड़ पारी
हरारे में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी की. वैभव ने तूफानी शुरुआत की 15 चौके और 15 छक्के लगाकर सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन बनाए. उनकी पारी ने भारत को बड़ा स्कोर दिया. इंग्लैंड की ओर से कैलेब फाल्कनर ने 115 रन बनाए, लेकिन वे लक्ष्य से दूर रह गए. यह भारत का छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब है. वैभव की उम्र अभी 14 साल और 317 दिन है, उनका 15वां जन्मदिन 27 मार्च 2026 को है.
बीसीसीआई का नया नियम
बीसीसीआई ने 2026 से अंडर-19 सिस्टम में बदलाव किया है. अब खिलाड़ी अधिकतम दो सीजन में खेल सकते हैं, लेकिन एक विश्व कप में खेलने के बाद अगले में नहीं. इसका मतलब है कि वैभव 2028 या 2030 के विश्व कप में नहीं खेल पाएंगे, भले ही उम्र मानदंड पूरी हो. इस नियम का कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन विशेषज्ञ इसे पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ की उम्र हेराफेरी विरोधी टिप्पणियों से जोड़ते हैं.
द्रविड़ ने एनसीए प्रमुख रहते हुए कहा था कि उम्र फर्जीवाड़ा खेल की सेहत के लिए खतरनाक है. उन्होंने कहा, "अगर बच्चा माता-पिता और कोचों को झूठ बोलते देखता है, तो वह भी धोखेबाज बन सकता है. 14 साल में उम्र का झूठ, 25 साल में मैच फिक्सिंग दोनों धोखाधड़ी हैं. द्रविड़ ने उम्र फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सख्त नियमों की वकालत की थी.
बदलाव का मकसद
पहले कई खिलाड़ी दो विश्व कप खेल चुके हैं, जैसे रवींद्र जडेजा (2006, 2008), विजय जोल (2012, 2014), और 2016 टीम के आवेश खान, सरफराज खान, रिकी भुई ने 2014 में भी खेला था. बीसीसीआई का नया नियम 'वन-टूर्नामेंट' पॉलिसी है, जो उम्र विशेषज्ञों को रोकने और नए टैलेंट को मौका देने के लिए है. इससे जूनियर क्रिकेट में पारदर्शिता बढ़ेगी और फेयर प्ले सुनिश्चित होगा.
वैभव की पारी ने न सिर्फ भारत को जीत दिलाई, बल्कि दुनिया को एक नए सितारे की झलक दिखाई. हालांकि, उनका अंडर-19 सफर यहीं खत्म हो गया. अब सबकी नजरें उनके सीनियर क्रिकेट में आने पर हैं, लेकिन ICC के 15 साल की न्यूनतम उम्र नियम के कारण उन्हें मार्च 2026 तक इंतजार करना होगा. यह प्रतिभा भविष्य में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है.


