India-US Trade Deal : क्या भारत अब रूस से नहीं तेल नहीं खरीदेगा ? जानिए पीयूष गोयल ने क्या दिया जवाब

भारत और अमेरिका के के बीच ट्रेड डील पर मुहर भी लग चुकी है. वहीं अब इस डील पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक बयान जारी किया है. ट्रेड डील पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच निर्यात को बढ़ावा देने वाला साबित होगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं. हाल ही में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर मुहर भी लग चुकी है. वहीं अब इस डील पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक बयान जारी किया है. ट्रेड डील पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच निर्यात को बढ़ावा देने वाला साबित होगा. खासतौर पर तब, जब टैरिफ रेट 50 फीसदी से घटकर 18 % हो जाने के बाद भारत को काफी फायदा होगा. 

टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत

आपको बता दें कि वाणिज्य मंत्री की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ट्रेड डील एग्रीमेंट पर संयुक्त बयान जारी किया है. इस एग्रीमेंट पर दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में दस्तखत हो सकता है. गोयल ने अमेरिका से कम हुए टैरिफ पर बोलते हुए कहा कि 50 फीसदी का टैरिफ घटकर अब 18 प्रतिशत हो चुका है. यह हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान, चीन की तुलना में काफी कम है. इससे हमारे देश के निर्यातकों को काफी लाभ होगा. 

इन वस्तुओं को अमेरिका निर्यात करने पर जीरो टैरिफ

इसके साथ ही वाणिज्य मंत्री ने एक लिस्ट शेयर किया, जिसमें उन वस्तुओं के नाम है, जिन्हें भारत से अमेरिका निर्यात करने पर जीरो टैरिफ लगेगा. आइए एक नजर में देखते है कि इस लिस्ट में कौन-कौन से भारतीय प्रोडक्टस शामिल हैं, मशरूम, आम, पाइनएप्पल, वेजिटेबल वैक्स, ब्राजील नट, कॉफी, एरेका नट, कैश्यू नट, चेस्टनट, एवोकाडो, केला, चाय, मसाले, स्मार्टफोन्स, फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स और डायमंड्स.

डील, विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

दरअसल, डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि US के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस डील में देश के किसानों के हित को ध्यान में रखा गया है, उनके हितों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया गया है. उन्होंने इस डील पर बात करते हुए कहा कि इस डील से अमेरिका में भारतीय प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी हो जाएगा. 

भारतीयों के लिए खुलेंगे अमेरिकी बाजार 

गोयल ने कहा कि इस डील से 30 अरब डॉलर का अमेरिका बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खोल दिए जाएंगे. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस डील में किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा,' कुछ किसान विरोधी लोग यह दुष्प्रचार करने में लगे हैं कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा.' उन्होंने आगे कहा कि इस समझौते में सरकार कि और से कोई ऐसा काम नहीं किया गया है, जिसमें देश के किसानों, हस्तशिल्प और हथकरघा को कोई भी नुकसान पहुंचे. 

किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं

पीयूष गोयल ने डील पर बात करते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता एमएसएमई, किसानों, हस्तशिल्प और हथकरघा के हितों को किसी भी तरह से कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने अमेरिका को अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ, चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधन जैसे क्षेत्रों में अमेरिका को शुल्क में रियायतें दी है. 

रूसी तेल पर बोले पीयूष गोयल 

हालांकि, रूसी तेल के मुद्दे पर पीयूष गोयल ने कहा कि विदेश मंत्रालय को रूसी तेल के बारे में जानकारी होगी, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले कहा था कि गोयल को सौदे के बारे में विशेष जानकारी होगी, क्योंकि वे इस पर बातचीत कर रहे है. वहीं 6 फरवरी को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जहां तक भारत की ऊर्जा स्रोतों का संबंध है, तो सरकार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. 

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