Video: 'मान ले, ये लीड्स नहीं है'... कप्तान शुभमन गिल का सटीक फैसला, सिराज को दिया जीत का मंत्र

शुभमन गिल ने बतौर टेस्ट कप्तान अपनी सूझबूझ और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया है. बर्मिंघम टेस्ट के चौथे दिन गिल ने मोहम्मद सिराज को समझाकर फील्डिंग सेटअप में बदलाव रोका और कुछ ही गेंदों में टीम इंडिया को क्रॉली का अहम विकेट दिलवाया. कप्तान के तौर पर यह पल उनके क्रिकेटिंग माइंड का शानदार उदाहरण बन गया.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Shubman Gill: इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने न केवल बल्ले से जलवा दिखाया है, बल्कि अपनी कप्तानी से भी सभी को प्रभावित किया है. सीरीज की शुरुआत के दो हफ्ते के भीतर ही गिल ने खुद को विराट कोहली और रोहित शर्मा से तुलना के दायरे से बाहर निकाल लिया है. गिल की रणनीतिक सोच का एक बेहतरीन नमूना बर्मिंघम टेस्ट के चौथे दिन देखने को मिला, जब उन्होंने मोहम्मद सिराज को एक अहम फैसले से रोका और कुछ ही गेंदों में भारत को बड़ा विकेट दिलाया.

स्टार स्पोर्ट्स द्वारा जारी एक वीडियो में गिल और सिराज के बीच फील्ड सेटअप को लेकर बातचीत नजर आती है. सिराज एक अलग फील्डिंग प्लान पर अड़े रहते हैं, लेकिन गिल ने आत्मविश्वास के साथ समझाया कि यह विकेट लीड्स से अलग है और ऑफसाइड पर कैच का मौका बन सकता है. जल्द ही गिल की बात सच साबित हुई और भारत को जाक क्रॉली का कीमती विकेट मिला.

कप्तान गिल की रणनीति ने दिलाया सिराज को विकेट

मैच के अंतिम सेशन में, सिराज ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में जाक क्रॉली को सात गेंदों पर शून्य रन पर आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. सिराज और गिल के बीच मैदान पर एक छोटी सी रणनीतिक बातचीत ने इस सफलता की नींव रखी.

सिराज ने कहा, "नहीं, मैं उधर की बात कर रहा हूं. उधर भी है." इसके जवाब में गिल ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "उधर कैच जाएगा. पिछले में भी उधर आउट हुआ है. मान ले! ये वैसा विकेट है. लीड्स वाला विकेट नहीं है. नॉर्मल डाल."

सिराज ने कप्तान की बात मानी और अगली ही कुछ गेंदों में उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ गेंद फेंकी, जिस पर क्रॉली ड्राइव करने के चक्कर में स्लिप में कैच थमा बैठे. सब्सटीट्यूट फील्डर साई सुदर्शन ने कैच लपका और गिल जश्न में डूब गए चेहरे पर 'मैंने कहा था' वाला भाव साफ दिख रहा था.

कप्तान के रूप में गिल का दबदबा

गिल ने न केवल मैदान पर निर्णय लेने की क्षमता दिखाई, बल्कि बल्ले से भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. उन्होंने पहली पारी में 267 और दूसरी पारी में 161 रनों की तेज़ पारी खेली. वह टेस्ट इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज बने, जिसने एक ही मैच में 250+ और 150+ का स्कोर किया हो. टीम इंडिया ने चाय के बाद दूसरी पारी 427/6 पर घोषित की और इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रनों का विशाल लक्ष्य दिया.

क्या इंग्लैंड रच पाएगा इतिहास?

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक कोई भी टीम चौथी पारी में 418 से अधिक रन नहीं बना पाई है, जो वेस्टइंडीज ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे. इंग्लैंड की सर्वोच्च सफल रन चेज 378 रनों की है, जो उन्होंने तीन साल पहले भारत के खिलाफ की थी.

हालांकि इस बार हालात कुछ और हैं. सिराज और आकाश दीप ने नई गेंद से फिर कहर बरपाया और इंग्लैंड की हालत दिन का खेल खत्म होने तक 72/3 कर दी. अब उनके सामने आखिरी दिन 536 रनों का मुश्किल लक्ष्य है जो 'बाजबॉल' एरा के भी परे की चुनौती है.

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