दिल्ली के CM श्री स्कूलों में एडमिशन की धूम, एक हफ्ते में 50,000 से ज्यादा आवेदन

दिल्ली सरकार के नए CM श्री स्कूलों में दाखिले के लिए एक सप्ताह में ही 50,000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं. स्मार्ट क्लासरूम, एआई-सक्षम लाइब्रेरी और रोबोटिक्स जैसी सुविधाओं ने अभिभावकों को आकर्षित किया है. ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित हैं और प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं मुफ्त में देने का वादा करते हैं. अब देखना होगा कि यह मॉडल जमीन पर कितना सफल होता है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

CM Shri Schools Delhi : दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए CM श्री स्कूलों में एडमिशन के कुछ ही दिनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है. शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 50,000 से अधिक माता-पिता ने अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन कर दिया है. ये संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसे "असाधारण प्रतिक्रिया" बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पूरा एडमिशन प्रोसेस पारदर्शी और निष्पक्ष हो.

किन कक्षाओं में सबसे ज्यादा आवेदन?

दरअसल, शिक्षा विभाग के मुताबिक कक्षा 6 में 15,000 से ज्यादा आवेदन, कक्षा 7 में भी 15,000 से अधिक और कक्षा 8 में 20,000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं. इससे साफ है कि सभी माध्यमिक कक्षाओं में भारी दिलचस्पी देखने को मिल रही है.

CM श्री स्कूल क्या हैं?
CM श्री स्कूल, दिल्ली सरकार के 2025-26 के बजट में घोषित एक नई पहल है. ये स्कूल केंद्र सरकार की PM श्री योजना की तर्ज पर बनाए जा रहे हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) से मेल खाते हैं. इन स्कूलों में मिलने वाली सुविधाएं किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं.

इन स्कूलों में शामिल होंगी
•    स्मार्ट क्लासरूम्स
•    AI-सक्षम लाइब्रेरीज़
•    AR-VR (आगमेंटेड रियलिटी-वर्चुअल रियलिटी) टूल्स
•    बायोमेट्रिक अटेंडेंस
•    रोबोटिक्स लैब
•    पर्यावरण अनुकूल (eco-friendly) भवन

क्यों आकर्षित हो रहे हैं अभिभावक?
जिन सुविधाओं के लिए अभिभावक आमतौर पर प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख करते हैं, वे अब उन्हें सरकारी स्कूलों में ही मिल रही हैं वो भी बिना ऊंची फीस के. यही वजह है कि हजारों अभिभावकों ने आवेदन में कोई देर नहीं की.

योजना असल में परिणाम दे पाएगी या नहीं
सरकार के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी बन गई है कि वह इस भारी मांग के बीच गुणवत्ता बनाए रखे. अब यह देखना होगा कि  कागजों पर दिखने वाली यह योजना असल में स्कूलों के भीतर भी वैसा ही परिणाम दे पाएगी या नहीं. CM श्री स्कूलों की तरफ हो रहा यह झुकाव इस बात का साफ संकेत है कि अगर सरकारी स्कूल उच्च गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाएं दें, तो दिल्ली के माता-पिता उन्हें निजी विकल्पों पर तरजीह देने को तैयार हैं.

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