नोएडा प्रदर्शन पर अखिलेश यादव का वार, कहा- ‘डबल इंजन नहीं, ट्रबल इंजन सरकार’
नोएडा में मजदूर आंदोलन के हिंसक होने पर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर खुफिया तंत्र की विफलता और मजदूरों को बदनाम करने का आरोप लगाया.

नोएडा में मजदूरों के आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद प्रदेश की सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए.
अखिलेश यादव ने अपने बयान में क्या कहा?
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस आंदोलन को किसी साजिश का हिस्सा बता रहे हैं, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि राज्य की खुफिया एजेंसियां उस समय क्या कर रही थीं. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या खुफिया विभाग किसी अन्य काम में व्यस्त था या फिर उसकी प्राथमिकताएं कहीं और थीं. उनका कहना था कि यदि पहले से जानकारी होती, तो हालात इस स्तर तक नहीं बिगड़ते.
अगर माननीय मुख्यमंत्री जी नोएडा के मज़दूरों के आंदोलन को किसी की साज़िश बता रहे हैं तो एक सवाल जनता आपसे पूछ रही है कि अगर ये सच है तो आपकी ख़ुफ़िया पुलिस क्या आपके साथ बंगाल प्रचार करने गयी थी या वनस्पति की खोजबीन में लीन थी या उसके प्रभाव में। मज़दूरों के आंदोलन को नक्सलवाद के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 13, 2026
उन्होंने आगे कहा कि मजदूरों के आंदोलन को नक्सलवाद से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश अनुचित है. इससे पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि बीते वर्षों में ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं कि मजदूरों को सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ा. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मजदूरों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में विफल रही है.
सरकार को दी नसीहत
अखिलेश यादव ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि यदि वह मजदूरों के घावों पर मरहम नहीं लगा सकती, तो कम से कम उन्हें और आहत करने वाले बयान देने से बचना चाहिए. उनके मुताबिक, इस तरह के आरोप और बयान स्थिति को और खराब कर सकते हैं और सामाजिक तनाव बढ़ा सकते हैं.
महंगाई के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि बढ़ती कीमतों से आम लोग पहले ही परेशान हैं. ऐसे में मजदूरों पर अतिरिक्त आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने इसे जनविरोधी रवैया बताते हुए कहा कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं.
अंत में उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है. उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार को ‘ट्रबल इंजन’ करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो जनता खुद बदलाव लाने का निर्णय लेगी.


