नोएडा हिंसा के बाद योगी सरकार का बड़ा कदम, हाई-पावर कमेटी गठित

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद स्थिति संभालने के लिए औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की है. यह समिति श्रमिकों और उद्योगों के बीच बातचीत के जरिए वेतन विवाद और अन्य मुद्दों का समाधान करेगी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में फैक्ट्री श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्पन्न स्थिति को नियंत्रित करने और समाधान निकालने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित यह समिति औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कार्य करेगी. इसमें एमएसएमई विभाग, श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ श्रमिक संगठनों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि सभी पक्षों की बात को संतुलित तरीके से सुना जा सके और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके.

 प्रशासन का क्या कहना है? 

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस समिति का प्रमुख उद्देश्य नोएडा में बिगड़े हुए औद्योगिक माहौल को शांत करना और वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर श्रमिकों और उद्योगों के बीच उत्पन्न विवाद को आपसी संवाद के माध्यम से सुलझाना है. प्रशासन का कहना है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि हाल की घटनाओं के पीछे यदि किसी प्रकार की राजनीतिक साजिश या निहित स्वार्थ सामने आते हैं तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी.

जारी आदेश के मुताबिक यह कमेटी गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असंतोष को नियंत्रित करने के लिए तुरंत प्रभाव से कार्य शुरू कर चुकी है. समिति के सदस्य पहले ही नोएडा पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और श्रमिकों के साथ-साथ उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि जमीनी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके.

सरकार का क्या मानना है? 

इस पैनल में कुल पांच प्रमुख श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ तीन औद्योगिक संगठनों के सदस्य भी शामिल किए गए हैं. इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और औद्योगिक गतिविधियों को बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रखना है. सरकार का मानना है कि संवाद और सहयोग के माध्यम से ही स्थायी समाधान संभव है.

दूसरी ओर, सरकार ने यह भी दोहराया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने या स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. सरकार श्रमिकों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही शांति और स्थिरता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है. समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपे, ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से की जा सके और स्थिति सामान्य हो सके.

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