उत्तर भारत में मौसम का उलटफेर, दिल्ली में बूंदाबांदी शुरू
उत्तर भारत के मौसम में इन दिनों असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश ने ठंडक का एहसास बढ़ा दिया है. अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में धूल भरी हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है.

उत्तर भारत के मौसम में इन दिनों असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश ने ठंडक का एहसास बढ़ा दिया है. वहीं, दूसरी ओर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में फरवरी के मध्य में ही गर्मी जैसी स्थिति महसूस होने लगी है. इस मौसमीय विरोधाभास ने लोगों को हैरान कर दिया है.
पंजाब के कई जिलों में सुबह से बूंदाबांदी और हल्की वर्षा
ताजा मौसम प्रणाली के असर से पंजाब के विभिन्न जिलों में सुबह से ही बूंदाबांदी और हल्की वर्षा दर्ज की गई. इसी तरह हरियाणा के गुरुग्राम में भी हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. इस बारिश से ठंड में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है.
इसके विपरीत, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जो इस समय के औसत से ज्यादा माना जाता है. वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में तेज धूप के कारण दोपहर के समय लोगों को हल्की गर्मी का अनुभव हो रहा है. मौसम में इस बदलाव के कारण लोगों ने हल्के कपड़े पहनना भी शुरू कर दिया है.
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में धूल भरी हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इससे तापमान में अस्थायी कमी आ सकती है, लेकिन इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की आशंका जताई गई है. दूसरी ओर, धीमी हवा के कारण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अभी भी खराब श्रेणी में बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से 300 के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम में ऐसे ही उतार-चढ़ाव जारी रह सकते हैं, जिससे लोगों को सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्मी का मिश्रित अनुभव होता रहेगा.


