बंगाल में बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 3 IPS और 2 जेल अधिकारी सस्पेंड, सुवेंदु सरकार के फैसलों से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा में लापरवाही को लेकर बड़ा एक्शन लिया है. सरकार ने 3 वरिष्ठ IPS अधिकारियों और 2 जेल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी लगातार सख्त प्रशासनिक फैसले लेते नजर आ रहे हैं. कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा में कथित लापरवाही को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और दो जेल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.

आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल मामले को लेकर एक बार फिर राजनीति गर्मा गई है. मामले की जांच तेज होने और पुरानी फाइलें दोबारा खुलने के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ संकेत दिए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सरकार पर हमलों के बीच यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है.

तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों पर गिरी गाज

जांच में ढिलाई और मामले को सही तरीके से नहीं संभालने के आरोप में कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर समेत तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबित अधिकारियों में पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता शामिल हैं.

सरकार की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “दो पुलिस अधिकारी मामले को रफा-दफा करने के लिए 'पेमेंट' करना चाहते थे!”

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “अभया” को न्याय दिलाने में किसी भी तरह की बाधा या लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जेल सुरक्षा में चूक पर बड़ा कदम

एक अन्य बड़े घटनाक्रम में राज्य सरकार ने प्रेसीडेंसी जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने के बाद दो वरिष्ठ जेल अधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. जानकारी सामने आई थी कि जेल के अंदर कैदी खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहजहां जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी जेल के भीतर से ही स्मार्टफोन के जरिए अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे. इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन से जवाब मांगा और पूछा, “आखिर जेल में सजा काट रहे कैदियों के पास फोन कैसे पहुंच रहे हैं और वे इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं?”

जेलों में सख्ती बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रेसीडेंसी जेल के सुपर और चीफ कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही दोपहर 2 बजे से जेल परिसर में मोबाइल और नेटवर्क इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मुख्य सचिव को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

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