PK की पार्टी को लगा बड़ा झटका ? सिंगर रितेश पांडे ने छोड़ा जन सुराज का दामन, सामने आई ये बड़ी वजह

भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे ने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है. पांडे ने 2025 विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी की टिकट पर करगहर से चुनाव लड़ा था. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामन करना पड़ा था. वहीं सरकार बदलने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बिहार : प्रसिद्ध भोजपुरी गायक रितेश पांडे ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की, जिसके बाद यह फैसला चर्चा का विषय बन गया है. रितेश पांडे 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी में शामिल हुए थे और पार्टी ने उन्हें करगहर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

चुनाव हार पर क्या बोले रितेश पांडे

आपको बता दें कि रितेश पांडे ने अपनी हार को लेकर स्पष्ट किया कि उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है. उनका कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से चुनाव लड़ा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया, यही उनके लिए सबसे बड़ी बात है. उन्होंने यह भी कहा कि नतीजे अनुकूल न होने के बावजूद वे संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्होंने अपने कर्तव्य को सही ढंग से निभाया.

सोशल मीडिया पर इस्तीफे का संदेश
एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में रितेश पांडे ने लिखा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उन्होंने जन सुराज पार्टी से जुड़कर लोकतंत्र के महापर्व में भाग लिया. अब वे उसी काम के माध्यम से लोगों की सेवा जारी रखना चाहते हैं, जिसने उन्हें एक साधारण किसान परिवार से उठाकर समाज में पहचान दिलाई. उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य बनकर लगातार काम करना उनके लिए कठिन साबित हो रहा था.

पार्टी छोड़ने की वजह
रितेश पांडे ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी विवाद या मतभेद का जिक्र नहीं किया, लेकिन इशारों में यह संकेत दिया कि पार्टी के भीतर वे खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने साफ कहा कि इसी कारण वे जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग उनके फैसले को समझेंगे.

फिर लौटेंगे गीत-संगीत की दुनिया में
उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि अब वे दोबारा पूरी तरह से गीत-संगीत की दुनिया में सक्रिय होंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि राजनीति के अनुभव के बाद रितेश पांडे अपने मूल पेशे, यानी गायन और कला के क्षेत्र में वापसी करने जा रहे हैं.

प्रशांत किशोर के प्रशंसक रहे हैं रितेश पांडे
गौरतलब है कि एक समय रितेश पांडे प्रशांत किशोर के बड़े प्रशंसक माने जाते थे. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ऐसे नेता बहुत कम होते हैं, जो समाज की भलाई के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं. हालांकि, समय के साथ उनके राजनीतिक सफर ने नया मोड़ ले लिया.

पहले भी उठ चुके हैं विवाद
हाल के दिनों में एक सरकारी कार्यक्रम में रितेश पांडे को आमंत्रित किए जाने पर जीतनराम मांझी की पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, ने आपत्ति जताई थी. ऐसे घटनाक्रमों के बीच अब जन सुराज पार्टी से उनका इस्तीफा राजनीति और मनोरंजन जगत, दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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