तलवारों और तोपों से नहीं बल्कि खूंखार कुत्तों की फौज से स्पेन ने अमेरिका के साम्राज्यों को कुचल दिया

पांच सौ साल पहले स्पेनिश विजेताओं ने अमेरिका में जीत के लिए तलवारों से ज्यादा प्रशिक्षित कुत्तों का इस्तेमाल किया जिसने स्थानीय सभ्यताओं को भीतर से तोड़ दिया।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

स्पेनिश सेनाएं अमेरिका में सिर्फ बंदूकें लेकर नहीं आई थीं। वे अपने साथ खूंखार कुत्ते भी लाईं। ये कुत्ते आम पालतू जानवर नहीं थे। इन्हें लड़ाई के लिए पाला गया था। स्थानीय लोग छोटे और शांत कुत्तों को जानते थे। ऐसे विशाल और हमलावर जानवर उन्होंने पहले कभी नहीं देखे थे। इन कुत्तों ने डर को हथियार बना दिया।

इन कुत्तों को किसने और कैसे तैयार किया?

स्पेन ने आइलानो और बुलेनबाइसर जैसी नस्लों को चुना। इन कुत्तों को खास तरीके से ट्रेन किया जाता था। उन्हें इंसानों पर हमला करना सिखाया जाता था। हर कुत्ते के साथ एक डॉग हैंडलर होता था। हैंडलर और कुत्ते के बीच गहरा रिश्ता होता था। यही जोड़ी लड़ाई में सबसे ज्यादा घातक बनती थी। कुत्ता सीधे दुश्मन पर टूट पड़ता था।

इंका साम्राज्य में इनका क्या असर हुआ?

इंका लोगों के लिए ये कुत्ते किसी राक्षस से कम नहीं थे। जब वे गांवों में छोड़े जाते थे तो भगदड़ मच जाती थी। डर के कारण कई लोग बिना लड़े ही हार मान लेते थे। स्पेन इसी डर का फायदा उठाता था। जहां घोड़े और बंदूकें नहीं पहुंच पाती थीं वहां कुत्ते पहुंच जाते थे। इससे स्पेन को बढ़त मिलती थी। इंका साम्राज्य धीरे धीरे टूट गया।

बेसिरीलो और लियोनसीको क्यों मशहूर हुए?

स्पेनिश सेनापति अपने कुत्तों से बहुत जुड़ जाते थे। वास्को नुनेज डी बालबोआ का कुत्ता बेसिरीलो बहुत प्रसिद्ध था। उसकी एक नस्ल से लियोनसीको पैदा हुआ। जब बालबोआ पहली बार प्रशांत महासागर देखने गया तो वह कुत्तों के साथ गया। उसने अपने सैनिकों को पीछे छोड़ दिया। यह बताता है कि कुत्तों पर कितना भरोसा था। वे सैनिकों जैसे माने जाते थे।

कुत्तों से स्थानीय लोगों को कैसे सजा दी जाती थी?

कुत्तों का इस्तेमाल सिर्फ युद्ध में नहीं होता था। उन्हें सजा देने के लिए भी छोड़ा जाता था। जो लोग ईसाई नियम नहीं मानते थे उन्हें कुत्तों के आगे डाल दिया जाता था। कई गांवों में यह आतंक का तरीका बन गया था।कैरिबियन से लेकर मेक्सिको तक यह चलन फैला। कुत्ते कानून बन गए थे।डर ही शासन का आधार था।

बाद में यही कुत्ते समस्या क्यों बन गए?

समय के साथ स्पेन को मजदूरों की जरूरत पड़ी। अगर लोग मारे जाते तो काम कौन करता। कुत्तों का आतंक अब नुकसान बन गया। वे झुंड बनाकर हमला करने लगे। स्पेनिश और स्थानीय दोनों उनसे परेशान होने लगे।रानी ने आदेश दिया कि कुत्तों से छुटकारा पाया जाए। लेकिन हैंडलर अपने कुत्तों से भावनात्मक रूप से जुड़े थे।कई के लिए उन्हें छोड़ना आसान नहीं था।

इतिहास में इन कुत्तों की याद क्यों बची?

धीरे धीरे कुत्तों का इस्तेमाल युद्ध से खत्म हो गया।वे सुरक्षा और साथ निभाने तक सीमित हो गए। लेकिन बेसिरीलो और लियोनसीको जैसे नाम इतिहास में रह गए। वे उस दौर के प्रतीक बन गए। जब जानवरों को इंसानों के खिलाफ हथियार बनाया गया।यह कहानी आज भी बताती है कि सत्ता कैसे डर से चलती थी।और कैसे एक साम्राज्य कुत्तों की ताकत से जीता गया।

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