बीएमसी चुनाव में फिर खिंची भाषा की दीवार....राज ठाकरे ने अन्नामलाई को बोला 'रसमलाई', बीजेपी नेता ने भी किया पलटवार
भाजपा नेता के. अनामलाई ने राज ठाकरे की टिप्पणियों और धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि वे मुंबई दौरे से नहीं डरेंगे. उन्होंने मराठी गौरव और तमिल पहचान पर स्पष्ट किया और नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ने का संकेत दिया.

मुंबईः भाजपा नेता के. अनामलाई ने सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा प्रहार करते हुए मुंबई और तमिल आइकन कामराज पर उनकी टिप्पणियों को लेकर उन्हें मिलने वाली धमकियों और व्यक्तिगत हमलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये धमकियां उन्हें शहर का दौरा करने या अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने से रोक नहीं सकतीं.
धमकियों को ठुकराया
मुंबई में हाल ही में हुई एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त रैली में अन्नामलाई के खिलाफ बयानबाजी और सोशल मीडिया पर प्राप्त धमकियों का उन्होंने जोरदार विरोध किया. अन्नामलाई ने कहा कि आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे कौन होते हैं मुझे धमकाने वाले? उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपने किसान पिता होने पर गर्व है और राजनीतिक धमकियों से उनका कोई डर नहीं है.
अन्नामलाई ने मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें मुंबई में प्रवेश करने पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने लिखा कि अगर मैं मुंबई आया तो मेरे पैर काट देंगे. मैं मुंबई आऊंगा. मेरे पैर काटकर देखो. अगर मैं डरता तो अपने गांव में ही रहता.
मराठी गौरव पर सवाल नहीं
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि उनके बयान मराठी गौरव को ठेस पहुंचाते हैं. उन्होंने पूछा कि अगर मैं कहूं कि कामराज भारत के महान नेताओं में से एक हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि वे तमिल नहीं रहे? अगर मैं कहूं कि मुंबई विश्व स्तरीय शहर है, तो क्या इसे महाराष्ट्रियों ने नहीं बनाया?" उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई का गौरव मराठी लोगों के योगदान से अविभाज्य है.
डीएमके पर भी साधा निशाना
अन्नामलाई ने कहा कि उनके खिलाफ हमले तमिल समुदाय के अपमान की श्रेणी में आते हैं और उन्होंने धोती और लुंगी जैसे पहनावे का उदाहरण भी दिया. उन्होंने डीएमके पर आरोप लगाया कि यह पार्टी वर्षों से उनका अपमान करती आ रही है, लेकिन अब वह तमिलों का अपमान कर रही है. अन्नामलाई ने जोर देकर कहा कि मैं हाथ-पैर काटने जैसी धमकियों से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं.
राज ठाकरे ने दिया विवादित बयान
यह विवाद तब और बढ़ा जब राज ठाकरे ने रैली में अन्नामलाई को 'रसमलाई' कहकर निशाना बनाया और दक्षिण भारतीयों के खिलाफ पुराने नारे 'हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी' का भी जिक्र किया. बाल ठाकरे ने 1960 के दशक में शिवसेना के माध्यम से मराठी पहचान की राजनीति की शुरुआत की थी, जिसमें दक्षिण भारतीय प्रवासियों को अक्सर निशाना बनाया गया.
नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक तनातनी
महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड सहित 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं, जबकि मतगणना 16 जनवरी को होगी. इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी और व्यक्तिगत हमले चुनावी माहौल को और गर्माते दिख रहे हैं.


