'लात मारकर बाहर कर दूंगा...', UP-बिहार के लोगों को राज ठाकरे ने दी चेतावनी
बीएमसी चुनाव से पहले एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने हिंदी और उत्तर भारतीयों को लेकर कड़ा बयान दिया. उन्होंने भाषा थोपने का विरोध किया और मराठी पहचान बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की.

मुंबई: बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव की वोटिंग में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं और चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है. इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर अपने पुराने तेवर दिखाते हुए हिंदी और उत्तर भारतीयों को लेकर तीखा बयान दिया है. उनके इस भाषण ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि चुनावी बहस को भी नया मोड़ दे दिया है.
रविवार को आयोजित एक रैली में राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोगों पर महाराष्ट्र में हिंदी थोपने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हिंदी उनकी भाषा नहीं है और इसे जबरन लागू करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राज ठाकरे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई महाराष्ट्र में भाषा थोपने की कोशिश करेगा, तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.
राज ठाकरे ने आरोप भी लगाए की दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग महाराष्ट्र आ रहे हैं और यहां के संसाधनों, नौकरियों और अवसरों पर कब्जा कर रहे हैं. उनका कहना था कि अगर मराठी भाषा और जमीन हाथ से निकल गई, तो मराठी समाज का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा.
'लात मारकर बाहर कर दूंगा'
जानकारी के अनुसार, राज ने यूपी-बिहार के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि, "यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है. मुझे भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं आपको लात मारकर बाहर कर दूंगा." उन्होंने ये भी कहा कि "वो हर तरफ से महाराष्ट्र में आ रहे हैं और आपका हिस्सा ले जा रहे हैं. अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे."
राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को लेकर कहा कि, "यह मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव है. अगर आप आज मौका छोड़ देते हैं, तो आप खत्म हो जाएंगे. मराठी और महाराष्ट्र के लिए एक हो जाएं." उन्होंने कहा, "मुंबई कई लोगों की कुर्बानी के बाद मिली है. हम उन लोगों को क्या जवाब देंगे."
बीजेपी पर गंभीर आरोप
राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने त्रिभाषा फॉर्मूला और कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य करने के प्रस्ताव को एक बड़ी साजिश करार दिया. उनका कहना था कि उन्हें किसी भाषा से कोई नफरत नहीं है, लेकिन किसी भी भाषा को जबरन थोपने के वे खिलाफ हैं.
राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह मुंबई को 'लूटने' और शहर को गुजरात के आर्थिक दायरे में ले जाने की कोशिश कर रही है. राज ने कहा कि अगर बीएमसी उनके हाथ में रही, तो मुंबई की जमीन किसी बड़े उद्योगपति को नहीं बेची जा सकेगी.


