डिप्टी सीएम बनने के बाद अब बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेंगी सुनेत्रा पवार, NCP ने किया ऐलान
महाराष्ट्र में राजनीति हलचल तेज हो गई है.उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सीट छोड़ने का फैसला लिया है. पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने घोषणा किया है कि उनकी जगह उनके बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जाएगा.

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सीट छोड़ने का फैसला लिया है. उनकी जगह उनके बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जाएगा.
पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने इसकी घोषणा की है. बता दें, पार्थ दिवंगत नेता अजित पवार और सुनेत्रा पवार के पुत्र हैं. यह कदम परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का हिस्सा लगता है.
राकांपा का महत्वपूर्ण फैसला
राकांपा ने सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर पार्थ को नामित करने का निर्णय लिया है. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पार्थ युवा हैं और पार्टी को मजबूत करेंगे. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज है.
सुनेत्रा पवार फिलहाल उपमुख्यमंत्री हैं और पार्टी की कमान संभाल रही हैं. अजित पवार के निधन के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी ली थी. संविधान के नियमों के अनुसार, कोई व्यक्ति विधायक न होने पर भी उपमुख्यमंत्री बन सकता है, लेकिन छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है.
राज्यसभा चुनाव की तैयारी
देशभर में 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होने हैं. महाराष्ट्र से सात सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिसमें राकांपा संस्थापक शरद पवार भी शामिल हैं. 2024 विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद यहां 7 में से 6 सीटें गठबंधन को मिलने की उम्मीद है. भाजपा को 3, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना को 2 और सुनेत्रा पवार की राकांपा को 1 सीट मिल सकती है.
विपक्षी महाविकास अघाड़ी को सिर्फ 1 सीट की उम्मीद है. चर्चा है कि विपक्ष इस सीट से शरद पवार को राज्यसभा भेज सकता है. अगर ऐसा हुआ तो पार्थ पवार और उनके दादा शरद पवार राज्यसभा में एक साथ दिखाई दे सकते हैं. यह परिवार के लिए दिलचस्प स्थिति होगी.
सुनेत्रा पवार का अगला कदम
सुनेत्रा पवार अब बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगी. यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगले छह महीनों में होने वाले इस चुनाव की तैयारी चल रही है. राकांपा इसे निर्विरोध कराने की कोशिश भी करेगी. बारामती की मतदाता सूची 10 मार्च को जारी होगी, उसके बाद कभी भी चुनाव की तारीख घोषित हो सकती है.
साथ ही, सुनेत्रा पवार को जल्द राकांपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है. यह फैसला पार्टी को एकजुट रखने और महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत बनाने के लिए लिया जा रहा है. कुल मिलाकर, यह कदम राकांपा की नई पीढ़ी को आगे लाने का संकेत है.


