BMC चुनाव से पहले मनसे को बड़ा झटका, राज ठाकरे के करीबी संतोष धुरी थामेंगे भाजपा का हाथ

BMC चुनाव से पहले मनसे को बड़ा झटका लगा है. राज ठाकरे के करीबी संतोष धुरी टिकट न मिलने से नाराज़ होकर भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं, जिससे गठबंधन की राजनीति पर असर पड़ सकता है.

Shraddha Mishra

मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज ठाकरे के करीबी माने जाने वाले संतोष धुरी अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि वे आज दोपहर करीब 1 बजे औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगे. इस दौरान भाजपा नेता अमित साटम की मौजूदगी में उनका स्वागत किया जाएगा.

यह घटनाक्रम मनसे के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने हैं. चुनाव से ठीक पहले एक प्रभावशाली नेता का पार्टी छोड़ना न केवल संगठन को कमजोर करता है, बल्कि गठबंधन की रणनीति पर भी सीधा असर डाल सकता है.

टिकट न मिलने से नाराज थे संतोष धुरी

संतोष धुरी, मुंबई शहर मनसे प्रमुख संदीप देशपांडे के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, उनके पार्टी छोड़ने की सबसे बड़ी वजह मनसे और शिवसेना (यूबीटी) के बीच हुआ सीट-बंटवारा है. धुरी वार्ड नंबर 194 से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन गठबंधन के तहत यह सीट शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार निशिकांत शिंदे को दे दी गई.

धुरी इससे पहले भी इसी वार्ड से मनसे के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि तब उन्हें जीत नहीं मिल पाई थी. इस बार संदीप देशपांडे ने उनकी उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन किया था, इसके बावजूद टिकट नहीं मिलने से वे काफी नाराज हो गए. पार्टी के अंदर उन्हें नजरअंदाज किए जाने की भावना ने उनके फैसले को और मजबूत कर दिया.

भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें

शुक्रवार रात संतोष धुरी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्री नितेश राणे से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब लगभग तय मानी जा रही हैं. माना जा रहा है कि भाजपा में शामिल होकर धुरी को चुनावी राजनीति में नई भूमिका मिल सकती है.

मनसे-शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन पर असर

मनसे और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन मराठी भाषा, अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के मुद्दे पर बना था. ऐसे समय में मनसे के एक वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना न केवल संगठनात्मक कमजोरी दिखाता है, बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी असर डाल सकता है. इससे गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

महायुति के लिए फायदेमंद हो सकता है घटनाक्रम

दूसरी ओर, यह घटनाक्रम महायुति गठबंधन (भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) के लिए सकारात्मक माना जा रहा है. संतोष धुरी के भाजपा में शामिल होने से मुंबई में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती है. हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव का बीएमसी चुनाव के नतीजों पर कितना और किस तरह का असर पड़ता है.

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