इस लिस्टेड बैंक के CEO गिरफ्तार, शेयरों में भारी गिरावट…निवेशकों में बेचैनी
जीएसटी विवाद में लिस्टेड बैंक के CEO की गिरफ्तारी से बाजार में हलचल मच गई है. शुक्रवार को शेयरों में 7% से ज्यादा गिरावट दर्ज हुई और अब सोमवार को निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर टिकी रहेगी. बैंक ने संचालन सामान्य रहने का दावा किया है.

नई दिल्ली: जीएसटी विवाद के चलते एक लिस्टेड स्मॉल फाइनेंस बैंक के शीर्ष प्रबंधन पर कार्रवाई की खबर से बाजार में हलचल मच गई है. बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की गिरफ्तारी की सूचना सामने आते ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.
गिरफ्तारी की खबर से पहले ही शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. अब सोमवार को बाजार खुलते ही इस शेयर पर निवेशकों और विश्लेषकों की खास नजर रहने वाली है.
जीएसटी विवाद में कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, टैक्स अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) कानून के कथित उल्लंघन के आरोप में फिनो पेमेंट्स बैंक के एमडी और सीईओ ऋषि गुप्ता को गिरफ्तार किया है. बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
गिरफ्तारी के बाद बैंक ने तत्काल एक विशेष बैठक आयोजित की. इस बैठक में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) केतन मर्चेंट को संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया, ताकि बैंक का संचालन निर्बाध रूप से जारी रह सके.
बैंक के जीएसटी अनुपालन से जुड़ा नहीं मामला
बैंक ने स्पष्ट किया है कि सीईओ की गिरफ्तारी CGST और SGST अधिनियम, 2017 की धारा 132 (1) (a) और 132(1)(i) के तहत की गई है.
साथ ही बैंक ने कहा कि यह जांच बैंक के अपने जीएसटी अनुपालन से संबंधित नहीं है, बल्कि इसका संबंध बैंक के कुछ व्यावसायिक साझेदारों से है.
बैंक ने दावा संचालन पर नहीं पड़ेगा असर
फिनो पेमेंट्स बैंक ने अपने बयान में कहा है कि वह सभी आवश्यक जानकारियां संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा रहा है और जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है. बैंक का दावा है कि इस मामले का उसके नियमित संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके किसी भी अधिकारी की इस मामले में संलिप्तता नहीं है और जांच केवल बिजनेस पार्टनर्स से जुड़ी है.
CFO का बयान
फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी केतन मर्चेंट ने कहा, "27 फरवरी, 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के बाद, हम यह दोहराना चाहेंगे कि बैंक मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेस मानकों, सुदृढ़ अनुपालन ढांचे और मजबूत आंतरिक प्रक्रियाओं का पालन करता है. एक विनियमित संस्था के रूप में, हम जीएसटी नियमों सहित सभी लागू कानूनों का पालन करते हैं. यह मामला कुछ व्यावसायिक साझेदारों से संबंधित जीएसटी जांच से जुड़ा है."
उन्होंने आगे कहा,"बैंक और इसके प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ऋषि गुप्ता का इन व्यावसायिक साझेदारों के कार्यों से कोई संबंध नहीं है. हमें देश की न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है और हम चल रही कार्यवाही में अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग करते रहेंगे."


