बिहार में बर्ड फ्लू की दस्तक: 4,500 से ज्यादा मुर्गियों की बलि, 7 मार्च तक पटना जू बंद
बिहार की राजधानी पटना में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं. इन पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजे गए थे, जहां से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस की पुष्टि हुई.

बिहार की राजधानी पटना में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं. पटना के पीसी कॉलोनी, कंकड़बाग स्थित जू-सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में कौओं और मुर्गियों की अचानक हुई मौतों के बाद जांच कराई गई थी.
रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस की पुष्टि
इन पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजे गए थे, जहां से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस की पुष्टि हुई. इसके बाद प्रशासन ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को लागू करना शुरू कर दिया. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित कर दिया है.
एहतियात के तौर पर करीब 4,575 मुर्गियों को नष्ट किया गया, जबकि 9,662 अंडों और लगभग 530 किलोग्राम पोल्ट्री फीड को भी नष्ट कर दिया गया है. इसके अलावा पूरे इलाके में कीटनाशक और सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया है, ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके. प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें.
पटना जू प्रशासन ने बरती सतर्कता
पटना जू प्रशासन ने भी अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए जू परिसर से पानी, मिट्टी, खून और अन्य नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे हैं. रिपोर्ट आने तक जू के बर्ड सेक्शन में विशेष निगरानी रखी जा रही है. पशु चिकित्सकों की एक टीम लगातार पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है और पूरे परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए पटना जू को 7 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित की जा सके.
बर्ड फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है. यदि कोई व्यक्ति संक्रमित पक्षी को छूता है या उसकी लार, मल या अन्य तरल पदार्थ के संपर्क में आता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा संक्रमित पक्षियों के पंख फड़फड़ाने या छींकने से वायरस हवा में फैल सकता है, जो सांस के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है.
बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में लक्षण
बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, मृत पक्षियों से दूरी बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है.


