सम्राट के साथ डिप्टी सीएम बने नीतीश के 'विजय-विजेंद्र', जानिए दोनों नेताओं का बैकग्राउंड
बिहार में सत्ता का खेल बदल गया है. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते ही जेडीयू कोटे से अपने दो दिग्गज साथियों को डिप्टी सीएम बना दिया. नीतीश कुमार के करीबी राइट हैंड माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.

बिहार में नई सरकार के गठन के साथ सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं, वहीं जदयू कोटे से दो वरिष्ठ नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. इनमें विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव शामिल हैं, जिन्हें नीतीश कुमार का राइट हैंड माना जाता है. दोनों नेताओं को सत्ता में अहम भूमिका दी गई है. नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों के रूप में जाने जाने वाले इन दोनों नेताओं का लंबा राजनीतिक अनुभव है. विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाए जाने से जदयू में स्थिरता और अनुभव का संदेश गया है.
नीतीश के भरोसेमंद सहयोगी
विजय कुमार चौधरी का जन्म 8 जनवरी 1957 को समस्तीपुर जिले के सरायरंजन क्षेत्र में हुआ. वे 1982 से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य रहे हैं. राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस से की, बाद में जदयू में शामिल हुए. उन्होंने विधानसभा स्पीकर, वित्त मंत्री, जल संसाधन मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री जैसे अहम पद संभाले हैं. वे जदयू में नंबर दो की हैसियत रखते हैं और नीतीश कुमार की कोर कमेटी के सदस्य हैं. सरायरंजन से छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. उनकी साफ-सुथरी छवि और विधायी मामलों में गहरी जानकारी उन्हें पार्टी में खास स्थान दिलाती है.
कोसी क्षेत्र के दिग्गज नेता
बिजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल से लगातार 1990 से विधायक रहे हैं. उन्हें कोसी क्षेत्र में 'कोसी का विश्वकर्मा' कहा जाता है. जेपी आंदोलन से राजनीति में आए इन अनुभवी नेता ने ऊर्जा, योजना एवं विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले हैं. वे जदयू के वरिष्ठ नेता हैं और कोसी इलाके में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं. सुपौल से आठ बार विधायक चुने जाने का रिकॉर्ड उनके राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है.
दोनों नेताओं की अहमियत
नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले इन दोनों नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाकर जदयू ने अपनी मजबूती दिखाई है. विजय चौधरी को प्रशासनिक अनुभव और बिजेंद्र यादव को क्षेत्रीय प्रभाव के लिए महत्व दिया गया है. नई सरकार में दोनों डिप्टी सीएम के रूप में विकास कार्यों और सुशासन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे.


