सम्राट चौधरी का हुआ 'राजतिलक', गांधी मैदान में ली बिहार के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ
सम्राट चौधरी ने आज यानी बुधवार को बिहार लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस ऐतिहासिक पल के साथ बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बन गया. सम्राट चौधरी अब बिहार के नए सीएम हैं.

बिहार में लगभग 20 साल बाद बड़ा सत्ता परिवर्तन हुआ है. सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. राज्यपाल ने लोकभवन में सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं. सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार होगा.
शपथ ग्रहण समारोह में हाईप्रोफाइल उपस्थिति
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बिहार लोकभवन में खासी गहमागहमी रही. सम्राट चौधरी जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया. इस मौके पर नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को बधाई दी. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान भी समारोह में शामिल हुए.
#WATCH | Patna, Bihar: Samrat Choudhary takes oath as the Chief Minister of Bihar
He becomes the first Bharatiya Janata Party (BJP) Chief Minister of Bihar following the resignation of Nitish Kumar. pic.twitter.com/ObDBH2RxJr— ANI (@ANI) April 15, 2026
आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी भी पहुंचे
शपथ ग्रहण समारोह में आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी की उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया. पूरे समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में था. नई सरकार के गठन के साथ बिहार में विकास और बेहतर प्रशासन को लेकर नई उम्मीदें जागृत हुई हैं.
#WATCH Patna, Bihar: Janata Dal (United) leader Bijendra Prasad Yadav takes oath as Deputy CM of Bihar pic.twitter.com/OhgshLUgbW
— ANI (@ANI) April 15, 2026
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर में हुआ था. उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार राजनीति के दिग्गज रहे हैं, जो सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं. उनकी माता पार्वती देवी भी तारापुर से विधायक रहीं. सम्राट चौधरी ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 90 के दशक में की. 1999 में वह राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने थे. उम्र को लेकर विवाद के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद वे राजद और जदयू दोनों दलों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे, लेकिन उनकी असली पहचान भाजपा में आने के बाद बनी.


