दिल्ली में आतंकी हमले से निपटने की तैयारी, दो दिवसीय मॉक ड्रिल शुरू

दिल्ली में दो दिवसीय मॉक ड्रिल शहर के दस से अधिक स्थानों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें अग्निशमन सेवाएं, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और निवासी कल्याण संघों सहित सभी प्रमुख हितधारक भाग लेंगे. अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी तैयारियों की जांच और समन्वय का परीक्षण है.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा और आतंकवाद से निपटने की क्षमता को परखने के उद्देश्य से गुरुवार और शुक्रवार को दो दिवसीय बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है. इस अभ्यास की योजना दिल्ली पुलिस ने बनाई है, और इसे शहर के दस से अधिक रणनीतिक स्थानों पर अंजाम दिया जाएगा. यह अभ्यास दोपहर 12 बजे से शुरू होगा और इसमें सुरक्षा के सभी प्रमुख स्तंभ भाग लेंगे.

इस मॉक ड्रिल में स्थानीय पुलिस, यातायात पुलिस, पीसीआर यूनिट, स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (SWAT) टीम, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवा विभाग, और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों सहित सभी प्रमुख नागरिक व आपातकालीन एजेंसियां भाग लेंगी. इसके अलावा, सीआईएसएफ को मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा के लिहाज़ से शामिल किया गया है, और स्पेशल सेल, जो दिल्ली पुलिस की आतंकवाद विरोधी इकाई है, समन्वय की मुख्य भूमिका निभाएगी.

ऑपरेशन के मुख्य घटक

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन मॉक ड्रिल्स में घटना नियंत्रण चौकियों की स्थापना, रक्षात्मक निकासी, बंधक स्थिति को सुलझाना, संदिग्धों की तलाशी, द्वितीयक विस्फोटक उपकरणों की जांच, और भीड़ नियंत्रण जैसे कई ऑपरेशनल तत्वों का अनुकरण किया जाएगा.

ड्रिल को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि सभी एजेंसियों के बीच त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और संचार की क्षमता का परीक्षण किया जा सके. इसके ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपातकालीन या आतंकी हमले की स्थिति में एजेंसियां समयबद्ध और कुशल कार्रवाई कर सकें.

जनता से अपील

दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है और मॉक ड्रिल के दौरान अफवाहों या पैनिक से बचने की सलाह दी है. एक अधिकारी ने बताया कि, “यह एक मानक अभ्यास है, जो किसी विशेष खतरे के कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा ढांचे की क्षमता का मूल्यांकन करने हेतु आयोजित किया जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए मल्टी लोकेशन, मल्टी एजेंसी मॉक ड्रिल की परिकल्पना की गई है. ड्रिल के आयोजन से पहले टेबल-टॉप बैठकें और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं. यह दो दिवसीय अभ्यास न केवल दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में संभावित आतंकी हमलों से निपटने में प्रशासनिक और आपात सेवाओं की तत्परता को भी बेहतर बनाएगा.

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