अमृतपाल पर भगवंत मान का बड़ा बयान, अगर सरेंडर किया तो नहीं होगा टॉर्चर- मान

खालिस्तानी नेता और 'वारिश पंजाब दे' का मुखिया अमृतपाल सिंह को लेकर रोज तरह-तरह की खबरें आ रही हैं। 18 मार्च से पंजाब पुलिस उसके पीछे पड़ी है लेकिन वो हर बार चकमा देकर निकल जाने में कामयाब हो रहा है।

Saurabh Dwivedi

खालिस्तानी नेता और 'वारिश पंजाब दे' का मुखिया अमृतपाल सिंह को लेकर रोज तरह-तरह की खबरें आ रही हैं। 18 मार्च से पंजाब पुलिस उसके पीछे पड़ी है लेकिन वो हर बार चकमा देकर निकल जाने में कामयाब हो रहा है। उसने सशर्त सरेंडर की बातें कही थी और पुलिस के सामने सरेंडर के लिए तीन शर्ते भी रखी थी जिसमें पहली शर्त थी कि उसके सरेंडर करने पर उसकी पिटाई या ट़ॉर्चर जैसा कुछ नहीं हो। अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सीएम मान ने कहा है कि अगर अमृतपाल सरेंडर करता है किसी के ऊपर टॉर्चर नहीं किया जाएगा। सीएम मान से जब पूछा गया कि क्या अमृतपाल ने सरेंडर करने के लिए कोई शर्त रखी है तो उन्होंने कहा कि हम उसे भरोसा दिलाते हैं कि किसी तरह का टॉर्चर नहीं किया जाएगा, पुलिस कानून के मुताबिक अपना काम करेगी। 

14 दिनों से फरार अमृतपाल के बारे में कहा जा रहा है कि वो अमृतसर में अकाल तख्त के सामने सरेंडर कर सकता है। अमृतपाल ने गुरुवार को एक नया वीडियो जारी कर कहा था कि उसका सरेंडर करने का कोई इरादा नहीं है। उसने ये भी कहा था कि वह गिरफ्तारी से नहीं डरता और उसकी विदेश भागने का कोई प्लान नहीं है। अमृतपाल सिंह ने वीडियो में बैसाखी पर सरबत खालसा बुलाने की मांग करते हुए खुद को बागी बताया। उसने कहा कि मैं गिरफ्तारी से नहीं डरता लेकिन बगावत के रास्ते पर इस तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।

इस बीच पिछले 14 दिनों से अमृतपाल को ढूंढ रही पंजाब पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। पंजाब पुलिस ने होशियारपुर के एक गांव में ड्रोन तैनात किए थे। दो दिन पहले पंजाब पुलिस ने होशियारपुर में एक संदिग्ध कार का पीछा किया था, जिसके बाद कार सवार गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस को शक था कि अमृतपाल सिंह और पप्पलप्रीत सिंह उस कार में सवार हो सकते हैं। पुलिस की खुफिया टीम ने कार बरामद कर ली है। अब अमृतपाल के बारे में ये भी खबर है कि वह फिर से पंजाब लौट आया है। 

सूत्रों की मानें तो आईएसआई के इशारे पर अमृतपाल सिंह और पप्पलप्रीत सिंह नेपाल सीमा तक पहुंचे थे। जहां दोनों को नेपाल सीमा में प्रवेश करना था और वहां से आईएसआई के स्लीपर सेल की मदद से दोनों को किसी दूसरे देश के आईएसआई के शेल्टर हाउस में भेजा जाना था लेकिन वे भारत-नेपाल सीमा पार नहीं कर सका जिसके बाद आईएसआई ने अमृतपाल को वापस पंजाब लौटने का इशारा किया।

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