पंजाब सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, पारदर्शी शासन की पहचान बनी मान सरकार

पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराया है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को निलंबित और एक को बर्खास्त किया. अन्य 22 संदिग्ध अधिकारियों की जांच जारी है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति को दोहराया है. इस दिशा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को, चाहे वह कितना भी उच्च पद पर क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों के लिए पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना है.

वित्त विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वर्ष 2022 में वित्त विभाग के मुख्यालय तथा विभिन्न ज़िला खजाना कार्यालयों में तैनात चार कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं. शिकायत मिलते ही विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और मामलों की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी गई.

निर्णायक विभागीय और कानूनी कार्रवाई
वित्त मंत्री ने कहा कि गहन जांच के बाद दिसंबर 2025 में निर्णायक कार्रवाई की गई. इसमें सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर तैनात एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि शेष तीन कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार कड़ी सज़ा दी गई. जांच के कानूनी पहलू पर उन्होंने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो, अमृतसर रेंज ने बर्खास्त अधिकारी के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर 11 जनवरी 2026 को उसे गिरफ्तार किया. प्रारंभिक हिरासत पूरी होने के बाद 12 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड मिला.

भ्रष्टाचार से जुड़े अतिरिक्त वित्तीय लेन-देन का खुलासा
फाइनेंस मंत्री ने आगे बताया कि चारों आरोपी कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच के दौरान 22 अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए. इन लेन-देन की निष्पक्ष जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त किया गया, और उनके रिपोर्ट के आधार पर अब इन 22 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

पंजाब सरकार का स्पष्ट संदेश
हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि ये कार्रवाइयां राज्य सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी संकल्प की पुष्टि करती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी गैरकानूनी गतिविधि या अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं करेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार की प्राथमिकता पंजाब के लोगों को ईमानदार, पारदर्शी और भरोसेमंद प्रशासन देना है. राज्य में भ्रष्टाचार का हर मामला सख़्ती से निपटाया जाएगा, चाहे आरोपी अधिकारी कितने भी उच्च पद पर क्यों न हों.

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