पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, भारी पुलिस फोर्स तैनात
पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. सचिवालय प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ. ईमेल में इमारत को विस्फोट से निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी.

चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. सचिवालय प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें इमारत को विस्फोट से निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी. इस सूचना के सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत एहतियाती कदम उठाए गए.
भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती
धमकी की जानकारी मिलते ही सचिवालय परिसर को चारों ओर से सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. सचिवालय के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया गया है. वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके.
यह इमारत राज्य की प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होने के कारण बेहद संवेदनशील मानी जाती है. ऐसे में अधिकारियों ने बिना देरी किए तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए.
धमकी भरे ईमेल के सामने आने के बाद साइबर विशेषज्ञों और पुलिस की विशेष टीमों को जांच में लगाया गया है. साइबर सेल यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ईमेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे किस व्यक्ति या समूह का हाथ हो सकता है. जांच एजेंसियां ईमेल के तकनीकी पहलुओं, जैसे आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल सुरागों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके.
सचिवालय के भीतर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
फिलहाल सचिवालय के भीतर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सचिवालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.


