5 रुपए में भरपेट खाना! दिल्ली को मिली 24 नई अटल कैंटीनों की सौगात, CM रेखा का वादा - शहर में भूखा सोने नहीं देंगे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आज दिल्ली में 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की है. कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से इनका उद्घाटन हुआ.

नई दिल्ली: दिल्ली के गरीब और मजदूर वर्ग के लिए अच्छी खबर है. उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की. कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से इनका उद्घाटन हुआ. अब दिल्ली में कुल अटल कैंटीनों की संख्या 70 हो गई है. सरकार का प्लान है कि जल्द ही इनकी संख्या 100 तक पहुंचाई जाए.
उद्घाटन समारोह के बाद उपराज्यपाल, सीएम और अन्य अतिथियों ने कैंटीन में जाकर आम लोगों के साथ भोजन भी किया. उपराज्यपाल ने कहा कि यह योजना जरूरतमंदों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है.
सीएम का वादा- कोई भूखा नहीं सोएगा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन योजना इसी सोच से शुरू की गई है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे. उन्होंने मजदूरों की परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि कई लोग शहर में अकेले काम करते हैं. घर पर खाना बनाने वाला कोई नहीं होता.
बाजार से थाली लेने में 100-150 रुपये लग जाते हैं, लेकिन अब सिर्फ 5 रुपये में भरपेट, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिल रहा है. यह न सिर्फ भूख मिटाता है, बल्कि गरीबों का सम्मान भी बचाता है. सीएम ने कहा, “यह कैंटीन हर मजदूर, श्रमिक और बेसहारा व्यक्ति के लिए एक विश्वसनीय रसोई है.”
थाली में मिलता है संतुलित भोजन
कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी से बना पौष्टिक भोजन दिया जाता है. खाना स्टील की थाली में परोसा जाता है. पूरी व्यवस्था पारदर्शी रखने के लिए डिजिटल टोकन, कंप्यूटर बिलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. समाज से सहयोग बढ़ाने के लिए कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव दिया गया है, जिससे लोग विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें.
सरकार की सब्सिडी
उपराज्यपाल सक्सेना ने बताया कि सरकार हर थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी दे रही है ताकि जरूरतमंद सम्मान से खाना खा सकें. भोजन की गुणवत्ता, सफाई और पारदर्शिता पर लगातार ध्यान दिया जाता है. उन्होंने सीएम गुप्ता और उनकी टीम की इस पहल की तारीफ की.
योजना का बड़ा असर
सीएम ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों की प्रशंसा की, जिन्होंने कम समय में योजना को पूरा किया. यह पहल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरित है. सरकार ने इसके लिए 104.24 करोड़ रुपये का बजट दिया है.
हर कैंटीन रोज 1,000 लोगों को भोजन देगी, जिससे दिल्ली में रोजाना 1 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और विधायक अनिल गोयल भी मौजूद थे.


