मान सरकार का बड़ा ऐलान, युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए खेलों के बजट में होगी वृद्धि
सीएम मान ऐतिहासिक किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में शामिल होकर खेलों को नशों के खात्मे के लिए सबसे घातक हथियार घोषित किया. आने वाले पंजाब के बजट में खेलों के बजट में वृद्धि करने की बात कही है.

लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में शामिल होकर खेलों को नशों के खात्मे के लिए सबसे घातक हथियार घोषित किया. उन्होंने कहा कि आने वाले पंजाब के बजट में खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी, जिससे पंजाब के युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में ले जाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे.
पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बंद की गई बैल गाड़ियों की दौड़ों को अब कानून में संशोधन के बाद फिर से शुरू किया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों को पदक लाएंगे तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी.
खेल नशों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
किला रायपुर खेलों के पुनरुत्थान को पंजाब की ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए, मुख्यमंत्री ने नई खेल नीति 2023 को राज्य की खेलों की शान को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि किला रायपुर में आठ एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में एक आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी.
उन्होंने कहा कि हम पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट की लीकेज को बंद कर रहे हैं, जिससे जनता का पैसा बचाया जा रहा है और इसे सीधे लोगों पर खर्च किया जा रहा है.
खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट में वृद्धि
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “खेल नशों के खात्मे का सबसे घातक हथियार हैं और राज्य सरकार राज्य के आने वाले बजट में खेलों के बजट में वृद्धि करेगी.” उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही खेलों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है.
उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों द्वारा युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया था, हमारी सरकार ने इस पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की अथाह ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
नई खेल नीति 2023 का महत्व
संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "नई खेल नीति 2023 पंजाब की खेलों की शान को बहाल करने के लिए शुरू की गई थी और अब खेल बजट को भी और बढ़ाया जाएगा." उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने "खेड्डां वतन पंजाब दियां" के तीन सीजन सफलतापूर्वक करवाए गए जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां हिस्सा लेती दिखीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पंजाब आज खेलों में देश का नेतृत्व कर रहा है और मुख्य भारतीय टीमों के कप्तान पंजाब से हैं.
नशों के खिलाफ युद्ध में खेलों की भूमिका
पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ जंग के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम शुरू की है और खेल इस जंग में सबसे बड़ा हथियार हैं.” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन कर रहे हैं.
बैल गाड़ियों की दौड़ का पुनरुत्थान
किला रायपुर खेलों को ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह खुशी की बात है कि पंजाब सरकार ने इस विरासत को फिर से जीवित किया है.” इसे एक ऐतिहासिक पल बताते हुए उन्होंने कहा कि ये खेल विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं और लंबे समय से बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने की मांग की जा रही थी. उन्होंने कहा कि हम ऐतिहासिक पलों के गवाह बन रहे हैं. लोगों को अपने बैलों से बहुत प्यार है और वे उन्हें अपने पुत्रों की तरह पालते हैं.
कानूनी संशोधन से बैल दौड़ फिर शुरू
बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने संबंधी कानूनी व्यवस्था के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “11 जुलाई, 2025 को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025’ सर्वसम्मति से पास किया गया था जिससे बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हुआ था.”
उन्होंने आगे कहा कि कानून पास होने के बाद 29 जुलाई, 2025 को लुधियाना के गांव महिमा सिंह वाला में विरासती खेल प्रेमियों द्वारा एक शानदार समागम करवाया गया था. उन्होंने कहा कि बैल गाड़ियों की दौड़ें हमारी ग्रामीण विरासत को दर्शाती हैं और हमें हमारे संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं.
किला रायपुर की ऐतिहासिक विरासत
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "बैल राज्य की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं और पहले सिख गुरु साहिब श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में लंबा समय बैलों के साथ खेती की." उन्होंने आगे कहा कि जब बैल गाड़ियों की दौड़ों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया गया तो विरासती खेल प्रेमियों को बड़ा झटका लगा और परंपरागत खेल विरासत को भारी नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि यह खेल मेला पंजाबी संस्कृति की एक जीवंत तस्वीर है
विकास परियोजनाओं की घोषणा
किला रायपुर के निवासियों की मांगों का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की. उन्होंने कहा कि गांव की फिरनी वाली सड़क को 1.5 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जाएगा, गांव की सहकारी सभा को पुनर्जीवित किया जाएगा, गांव के आठ एकड़ में फैले तालाब को 95 लाख रुपये की लागत से सीवेज मॉडल पर विकसित किया जाएगा, गांव की लाइब्रेरी को 10 लाख रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा और सिक्स-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ के निर्माण पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
स्वास्थ्य बीमा और अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योजना के तहत लोगों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कार्ड के लिए नाम दर्ज करवाने की अपील करते हुए कहा, "यह राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है." उन्होंने आगे कहा कि समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है.
हलवारा एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह उस महान नायक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिसने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से आजाद करवाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी.
इस मौके पर 'आप' के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और तरुणप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य व्यक्तित्व मौजूद थे.


