सपा ने नल चोरी के आरोपों पर भाजपा विधायक केतकी सिंह को मानहानि का नोटिस भेजा

भाजपा विधायक केतकी सिंह द्वारा अखिलेश यादव पर लगाए गए ‘नल चोरी’ के आरोप को लेकर सपा ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है. इस विवाद के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक के घर के बाहर प्रदर्शन किया, जिससे भाजपा-सपा टकराव और बढ़ गया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

SP sent defamation notice to Ketki Singh: समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है. मामला उस समय गरमाया जब भाजपा की बलिया जिले के बांसडीह से विधायक केतकी सिंह ने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री आवास से टोटियां चुराई थीं. यह बयान एक यूट्यूब चैनल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया, जिसके बाद विवाद और गहराता चला गया.

अखिलेश की छवि खराब करने की कोशिश  

सपा की ओर से केतकी सिंह को मानहानि का नोटिस भेजा गया है. 5 सितंबर को सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि विधायक के बयान पूरी तरह झूठे, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण हैं. नोटिस में आरोप लगाया गया कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस जानबूझकर अखिलेश यादव की छवि खराब करने के लिए आयोजित की गई. सपा ने मांग की है कि विधायक सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें और इसे प्रमुख अखबारों व उसी यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित करें. ऐसा न करने की स्थिति में दीवानी और आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है.

केतकी सिंह के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन

इस विवाद के बाद सपा महिला कार्यकर्ताओं ने लखनऊ स्थित केतकी सिंह के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से नल उपहार देने की कोशिश की, जिससे माहौल और गरमा गया. हालांकि उस समय विधायक बलिया में थीं, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर उनके घर में तोड़फोड़ और उनकी नाबालिग बेटी को डराने का आरोप लगाया. सिंह ने कहा कि इस घटना के कारण उनकी बेटी स्कूल नहीं जा सकी और वह इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराएंगी.

दूसरी ओर, सपा महिला सभा की नेता नेहा यादव ने कहा कि यह विरोध केवल 'नल चोरी' वाले बयान तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, रोजगार और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर भी जवाबदेही की मांग थी. उन्होंने इसे भाजपा नेताओं की राजनीति के खिलाफ जनता की नाराजगी का प्रतीक बताया.

भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक टकराव

यह पूरा विवाद भाजपा और सपा के बीच पुराने राजनीतिक टकराव को फिर से सतह पर ले आया है. केतकी सिंह अपने तीखे बयानों के लिए जानी जाती हैं और इस बार उनके बयान ने सपा कार्यकर्ताओं को आक्रामक कर दिया. अब दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी, विरोध प्रदर्शनों और कानूनी कार्रवाइयों का दौर तेज होता दिख रहा है. यह घटनाक्रम साफ करता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और सड़क से लेकर अदालत तक की लड़ाई अब सामान्य हो चुकी है.

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