निजी स्कूल मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए भाजपा चोरी-छिपे कानून लाई और बिना चर्चा के लागू कर दिया- सौरभ भारद्वाज
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण कानून में मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना जनता की राय लिए कानून बनाया, जिससे निजी स्कूल मालिकों को फायदा हुआ. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने सरेंडर कर दिया, जिससे 1 अप्रैल 2025 से बढ़ी फीस वैध हो गई .

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण कानून को लेकर सरकार की कथित मिलीभगत पर सवाल उठाए और इसे अभिभावकों के साथ बड़ा धोखा करार दिया.सौरभ भारद्वाज ने बताया कि भाजपा सरकार बनते ही दिल्ली के अधिकांश निजी स्कूलों ने 20 से 80 फीसदी तक फीस बढ़ा दी, जिससे मध्यम वर्ग के परिवारों में हाहाकार मच गया.
आपको बता दें कि अभिभावकों ने विरोध-प्रदर्शन किए, धरने दिए और शिक्षा मंत्री आशीष सूद व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलकर शिकायत की. सरकार ने तब फीस नियंत्रण के लिए शानदार कानून लाने का वादा किया, लेकिन यह कानून चुपके से बनाया गया बिना जनता की राय लिए, बिना स्टेकहोल्डर्स से सलाह मशवरा किए विधानसभा में पेश कर बिना बहस के पास कर दिया गया.उन्होंने कहा कि यह 'दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025' निजी स्कूल मालिकों की जेब भरने का हथियार साबित हुआ.
कोई अभिभावक या कोर्ट अब इसे चुनौती नहीं दे सकता
सुप्रीम कोर्ट में जब इस कानून को चुनौती दी गई, तो सरकार ने सरेंडर कर दिया और स्पष्ट कहा कि यह कानून 2025-26 सत्र की बढ़ी हुई फीस पर लागू नहीं होगा. इससे 1 अप्रैल 2025 से हुई मनमानी फीस वैध हो गई और कोई अभिभावक या कोर्ट अब इसे चुनौती नहीं दे सकता. शिक्षा मंत्री इसे अभिभावकों की जीत बता रहे हैं, जबकि यह ऑपरेशन थिएटर में मरीज को मारकर मुबारकबाद देने जैसा है.
कमिटी' के चेयरमैन ही भाजपा दिल्ली के शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष...
सौरभ भारद्वाज ने बड़ा खुलासा किया कि कानून को चुनौती देने वाली 'गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूल एक्शन कमिटी' के चेयरमैन भरत अरोड़ा ही भाजपा दिल्ली के शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं. वे पार्टी की दिल्ली कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं. उन्होंने तस्वीरें दिखाकर साबित किया कि भरत अरोड़ा चुनाव से पहले रेखा गुप्ता के साथ प्रचार करते नजर आए, मोदी जी का पटका पहने, भाजपा के झंडे लहराते और सांसद प्रवीण खंडेलवाल के साथ मीटिंग में शामिल थे.
भाजपा के ही आदमी ने मुकदमा दायर किया...
उनका सोशल मीडिया प्रोफाइल भी भाजपा पदाधिकारी और एक्शन कमिटी चेयरमैन दोनों दिखाता है. उनका कहना है कि यह साफ मिलीभगत है. भाजपा के ही आदमी ने मुकदमा दायर किया, सरकार ने कोर्ट में हार मानी और फिर इसे मास्टर स्ट्रोक बताया. इससे लाखों अभिभावकों को ठगा गया है. सौरभ भारद्वाज ने मांग की कि सच्चाई लोगों तक पहुंचनी चाहिए, क्योंकि यह निजी स्कूल लॉबी और सरकार की सांठगांठ का जीता-जागता सबूत है.


