पंजाब SGST विकास दर के मामले में पूरे भारत में सबसे आगे, वसूली दर में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि : हरपाल सिंह चीमा

पंजाब ने जनवरी 2026 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें 2452.66 करोड़ रुपये का जीएसटी वसूला गया है. यह पिछले वर्ष की तुलना में 15.7% की वार्षिक वृद्धि है, जो शुद्ध वसूली में 315 करोड़ रुपये की सीधी बढ़ोतरी है. पंजाब की यह आर्थिक सफलता उसके कर आधार के लचीलेपन और बेहतर प्रबंधन को उजागर करती है .

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 दरों के युक्तिकरण के कारण उत्पन्न राजस्व चुनौतियों के बावजूद, पंजाब ने जनवरी 2026 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन किया है. राज्य के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, इस अवधि के दौरान कुल 2452.66 करोड़ रुपये का जीएसटी वसूला गया. यह पिछले वर्ष यानी जनवरी 2025 की तुलना में 15.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है, जो शुद्ध वसूली के मामले में 315 करोड़ रुपये की सीधी बढ़ोतरी है.

आपको बता दे कि यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दरों में कटौती के कारण राज्य को कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, सीमेंट और बीमा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से हर महीने लगभग 250 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था. इन बाधाओं के बाद भी पंजाब ने अपने प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों के माध्यम से राष्ट्रीय औसत से अधिक विकास दर हासिल की है.

राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ता पंजाब का प्रदर्शन
पंजाब की यह आर्थिक सफलता उसके कर आधार के लचीलेपन और बेहतर प्रबंधन को उजागर करती है. चालू वित्त वर्ष में जनवरी 2026 तक शुद्ध जीएसटी वसूली 13.4 प्रतिशत की दर से बढ़कर 22,014 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वर्ष इसी समय 19,415 करोड़ रुपये थी. विशेष रूप से, एसजीएसटी नकद वसूली के मामले में पंजाब ने 14.4 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की है, जो भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक है.

यह प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत (लगभग 6 प्रतिशत) की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है. हालांकि, केंद्र द्वारा आईजीएसटी निपटान में पिछले तीन महीनों के दौरान की गई 280 करोड़ रुपये की एकपक्षीय कटौती ने राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाला है, लेकिन बेहतर योजना के कारण विकास की गति बनी हुई है.

सख्त प्रवर्तन और करदाता-अनुकूल नीतियां
राज्य का कर प्रशासन न केवल राजस्व जुटाने बल्कि करदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने में भी अग्रणी रहा है. जनवरी 2026 में ही 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड सहित कुल 300 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो एक पारदर्शी और कुशल प्रणाली का प्रतीक है. साथ ही, कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के सार्थक परिणाम मिले हैं.

स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (SIPU) ने डेटा-आधारित जांच और सड़क निरीक्षण के माध्यम से जनवरी में 200 करोड़ रुपये की संभावित चोरी को रोका. वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रवर्तन संबंधी कुल वसूली रिकॉर्ड 1,000 करोड़ रुपये के करीब पहुँच गई है. सरकार का मुख्य उद्देश्य तकनीकी ढांचे के माध्यम से अनुपालन करने वाले व्यापारियों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना और राज्य के राजस्व को सुरक्षित रखना है.

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