वे युवाओं को गुमराह कर रहे...चुनावी रैली में RJD पर भड़के PM मोदी, बोले- वो पिस्तौल दे रहे और हम लैपटॉप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी और बेतिया में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान रैलियों में एनडीए के विकास एजेंडे को प्रचारित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राजद पर युवाओं को हिंसक बनाने और बच्चों को “रंगदार” बनाने का आरोप लगाया.

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के सीतामढ़ी और बेतिया में आयोजित चुनावी रैलियों में एनडीए के समर्थन में जनता को संबोधित किया. उन्होंने रैली में विशेष रूप से राजद और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और उनका आरोप लगाया कि ये दल राज्य के युवाओं को भ्रष्ट और हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए युवा पीढ़ी को कंप्यूटर, खेलकूद और स्टार्टअप जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रहा है, जबकि विपक्ष कथित रूप से उन्हें हिंसक कार्यों और हथियारों की ओर उकसा रहा है.
बच्चों और RJD के वायरल वीडियो का जिक्र
जंगलराज और NDA का विकास एजेंडा
प्रधानमंत्री ने राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि जंगलराज का मतलब केवल पिस्तौल, क्रूरता और भ्रष्टाचार है. उन्होंने एनडीए सरकार के कामकाज की ओर ध्यान खींचा और कहा कि बिहार में युवा अब विकास, अवसर और स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. उन्होंने एक नया चुनावी नारा भी दिया “नहीं चाहिए कट्टा सरकार, फिर एक बार एनडीए सरकार” जो एनडीए के विकास एजेंडे को प्रचारित करने का प्रयास है.
चुनाव आयोग को दी बधाई
पीएम मोदी ने 6 नवंबर को हुए पहले चरण के चुनाव में भारी मतदान पर प्रसन्नता व्यक्त की और चुनाव आयोग को बधाई दी. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भारी मतदान एनडीए के प्रति जनता के मजबूत समर्थन का संकेत है और विपक्ष को इसका कड़ा झटका लगा है. पीएम ने यह भी कहा कि जनता ने विपक्ष के विरोधाभासी और नकारात्मक संदेशों को नकारते हुए विकास और सकारात्मक एजेंडे को महत्व दिया है.
रैलियों में NDA के विकास एजेंडे को दोहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में लगातार लगभग एक दर्जन चुनावी रैलियों में एनडीए के विकास एजेंडे को दोहराया है. उनका लक्ष्य जनता को यह समझाना है कि बिहार में स्थिर और विकासमुखी सरकार ही राज्य के युवाओं और आम जनता के लिए फायदेमंद है. बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण 11 नवंबर को होगा, और इसके परिणाम 14 नवंबर को आने की संभावना है. पीएम मोदी की रैलियों ने एनडीए की चुनावी रणनीति को और मजबूत किया है और विपक्ष के खिलाफ जनता में चेतना पैदा की है.


