सुनेत्रा पवार के शपथग्रहण पर क्या बोले शरद पवार? एनसीपी नेता को मिली तीन विभागों की जिम्मेदारी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद विमान दुर्घटना में मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने बड़ी जिम्मेदारी संभाली है. इस बीच शरद पवार ने कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह की कोई जानकारी नहीं थी. शपथ लेने के तुरंत बाद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश दिया.

मुंबईः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद विमान दुर्घटना में मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने बड़ी जिम्मेदारी संभाली है. बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर हुई इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई. अब सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं. उन्होंने शनिवार को राज्यपाल के समक्ष शपथ ली और पति की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है.
विमान हादसे की पूरी कहानी
28 जनवरी 2026 को मुंबई से बारामती जा रहे एक प्राइवेट लेयरजेट 45 विमान ने लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो दिया. विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश में रनवे के किनारे गिरकर आग का गोला बन गया. इस हादसे में अजित पवार के अलावा पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शंभवी पाठक, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई. सभी पांचों की मौके पर ही मौत हो गई. जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स की मदद से कारणों की तलाश में जुटी हैं. कुछ रिपोर्ट्स में घने कोहरे और टेबलटॉप रनवे की चुनौतियों का जिक्र है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है.
राजनीतिक परिवार में अलगाव
अजित पवार की मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित गुट ने सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लिया. वे राज्यसभा सांसद हैं और अब उपमुख्यमंत्री बनकर तीन विभागों राज्य उत्पाद शुल्क, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वित्त और नियोजन जैसे बड़े विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेंगे.
शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी (एसपी) गुट से परिवार में गहरा मतभेद साफ दिख रहा है. शरद पवार ने कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह की कोई जानकारी नहीं थी, मीडिया से पता चला. उन्होंने यह भी जताया कि अजित पवार उनके जन्मदिन (12 दिसंबर) पर पार्टी के दोनों गुटों के विलय का उपहार देना चाहते थे, लेकिन बात नहीं बनी. एनसीपी नेता अंकुश काकड़े ने बताया कि अजीत पवार ने कई वरिष्ठ नेताओं से सुलह की कोशिश कराई थी. दुर्भाग्य से, हादसा हो गया और सपना अधूरा रह गया.
सुनेत्रा पवार का संकल्प
शपथ लेने के तुरंत बाद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि पति अजित दादा ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वंचितों के लिए जीवन समर्पित करने का मंत्र दिया था. अब वे उसी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगी. दादा की अकाल मृत्यु से दिल पर पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन उनके सिखाए संघर्ष और जनसेवा का बल मुझे मजबूत कर रहा है. शपथ के दौरान 'अजित दादा अमर रहे' के नारे गूंजे.
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय है. सुनेत्रा पवार सामाजिक कार्यकर्ता रही हैं और 2024 लोकसभा चुनाव भी लड़ी थीं. अब वे पति की राजनीतिक विरासत को संभाल रही हैं, जहां परिवार और पार्टी के बीच का तनाव भी जारी है. राज्य में तीन दिन का शोक मनाया गया. पूरे देश में अजित पवार के योगदान को याद किया जा रहा है. उम्मीद है कि सुनेत्रा पवार इस चुनौतीपूर्ण दौर में मजबूती से आगे बढ़ेंगी और महाराष्ट्र के विकास में योगदान देंगी.


