2029 में अमेठी से ही लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी स्मृति ईरानी? SIR में नहीं कटा नाम

अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का नाम एसआईआर प्रक्रिया में मेदन मवई गांव की वोटर लिस्ट में शामिल हुआ है. भाजपा का कहना है कि यह अमेठी से उनके स्थायी राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

अमेठीः अमेठी से पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुकीं स्मृति ईरानी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि मतदाता सूची से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक कदम है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत स्मृति ईरानी का नाम अमेठी की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है. यह नाम अमेठी के मेदन मवई गांव से दर्ज किया गया है, जहां उन्होंने अपना आवास भी बना रखा है.

पहले भी अमेठी से थीं मतदाता

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अमेठी के जिला अध्यक्ष ने जानकारी दी कि स्मृति ईरानी ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी इसी गांव से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया था. उन्होंने न केवल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया, बल्कि मतदान भी किया था. अब एसआईआर प्रक्रिया के तहत उनका नाम औपचारिक रूप से फिर से मेदन मवई गांव की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम उनके क्षेत्र से लगातार जुड़े रहने का प्रमाण है.

2014 से अमेठी की राजनीति में सक्रिय

भाजपा जिला अध्यक्ष के अनुसार, स्मृति ईरानी ने वर्ष 2014 में अमेठी से सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी. उसी साल उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि, उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अमेठी को कभी नहीं छोड़ा. वे लगातार क्षेत्र में आती-जाती रहीं और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी रहीं.

हार के बाद भी नहीं टूटा नाता

स्मृति ईरानी का अमेठी से राजनीतिक रिश्ता केवल जीत तक सीमित नहीं रहा. 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने राहुल गांधी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की और अमेठी की सांसद बनीं. 2024 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद, वे अमेठी के दौरे करती रही हैं और पार्टी के कार्यक्रमों व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बनी हुई हैं.

मतदाता सूची में नाम

भाजपा नेताओं का मानना है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत अमेठी की वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखने का स्मृति ईरानी का फैसला एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देता है. यह दिखाता है कि अमेठी के साथ उनका रिश्ता अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी और गहरा है. पार्टी का कहना है कि इससे यह साफ होता है कि वे अमेठी को छोड़कर कहीं और बसने की तैयारी में नहीं हैं.

एसआईआर प्रक्रिया में बड़े बदलाव

इस पूरे मामले पर जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट संजय चौहान ने भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है. इस प्रक्रिया में अमेठी जिले से करीब 2.67 लाख नाम हटाए गए हैं. वहीं, स्मृति ईरानी का नाम मेदन मवई गांव की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है.

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