‘टिप नहीं, बस रेटिंग चाहिए’, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही स्विगी डिलीवरी एजेंट और बच्चे की कहानी

एक एक्स यूजर की पोस्ट में स्विगी इंस्टामार्ट डिलीवरी एजेंट अपने बच्चे के साथ डिलीवरी करता नजर आया. एजेंट ने टिप लेने से इनकार कर केवल अच्छी रेटिंग की अपील की, जिस पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पोस्ट काफी वायरल हो रही है, जो एक व्यक्ति और स्विगी इंस्टामार्ट के डिलीवरी एजेंट के बीच हुई एक छोटी-सी मुलाकात से जुड़ी है. ये मुलाकात वैसे तो बहुत आम थी, लेकिन इस पोस्ट पर कई तरीके की प्रतिक्रिया आई है. इंस्टामार्ट के डिलीवरी एजेंट के साथ इस अनुभव को एक्स (पहले ट्विटर) पर यूजर विनीत ने साझा किया, जिसके बाद पोस्ट काफी तेजी से वायरल हुई.

एक्स यूजर विनीत ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने स्विगी इंस्टामार्ट से किराने का सामान ऑर्डर किया था. यह एक आम डिलीवरी की तरह ही लग रही थी, लेकिन जब डिलीवरी एजेंट उनके दरवाजे पर पहुंचा, तब उन्होंने कुछ अलग देखा. एजेंट की बाइक के पीछे एक छोटा बच्चा बैठा हुआ था. शुरुआत में विनीत को यह देखकर हैरानी हुई.

टिप लेने से किया इंकार

विनीत ने पोस्ट में लिखा कि, "आज एक स्विगी डिलीवरी पर्सन इंस्टामार्ट का कुछ सामान देने आया. जब वह दरवाज़े पर था, तो मैंने देखा कि उसकी बाइक पर कोई और भी बैठा था. पूछने पर उसने बताया कि वह उसका बच्चा है. मैं आमतौर पर सीधे टिप देता हूं. लेकिन, उसने विनम्रता से टिप लेने से मना कर दिया. उसे बस अपनी सर्विस के लिए अच्छी रेटिंग चाहिए थी. दुर्भाग्य से, स्विगी ऐप पर डिलीवरी के बाद टिप देने का कोई ऑप्शन नहीं है. क्या कोई मेरी मदद कर सकता है?"

लोगों ने दी प्रतिक्रियाएं

इस पोस्ट पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी. कई यूजर्स ने डिलीवरी एजेंट के आत्मसम्मान, मेहनत और काम के प्रति ईमानदारी की जमकर तारीफ की. एक यूजर ने लिखा कि अगर कोई टिप नहीं लेना चाहता, तो उसकी इच्छा और सम्मान का ख्याल रखना चाहिए. वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पिता बनने के बाद ही ऐसी जिम्मेदारियों की असली कीमत समझ आती है.

कई लोगों ने इस घटना को सिर्फ एक भावुक पल नहीं माना, बल्कि इसके पीछे की बड़ी सच्चाई पर भी ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि लंबे काम के घंटे, बच्चों की देखभाल के साधनों की कमी और आर्थिक दबाव के कारण कई गिग वर्कर्स अपने बच्चों को साथ लाने को मजबूर होते हैं. वहीं, कुछ यूजर्स ने यह सुझाव भी दिया कि डिलीवरी कंपनियों को ऐप में बेहतर टिपिंग विकल्प देने चाहिए और परिवार वाले कर्मचारियों के लिए मजबूत सहायता व्यवस्था बनानी चाहिए. 

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