'ऐसी महिला किसी की मां...' घर के बाहर खेल रहे 2 नन्हे कुत्तों पर महिला ने निकाला गुस्सा, देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला गुस्से में दो पिल्लों को दिवार में पटककर मार रही होती है. यह वीडियो चर्चा में आने के बाद सभी लोग उस महिला के ऊपर कार्यवाई करने की मांग कर रहे हैं.

नई दिल्ली: जानवरों के प्रति दया और सहानुभूति इंसानियत की सबसे बड़ी निशानी होती है, लेकिन जब कोई व्यक्ति निर्दोष जीवों पर क्रूरता करता है, तो वह न सिर्फ कानून तोड़ता है, बल्कि समाज के सामने अपनी असलियत भी उजागर कर देता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसने लोगों का खून खौला दिया है.
दोनों पिल्ले बुरी तरह चोटिल
सीसीटीवी फुटेज में सड़क किनारे कुछ बहुत छोटे-छोटे पिल्ले खेलते हुए नजर आते हैं. पास में एक ऑटो खड़ी है. तभी एक महिला घर से निकलती है और बिना किसी उकसावे के उन मासूम पिल्लों पर अपना गुस्सा उतारने लगती है. वह पहले एक पिल्ले को उठाकर पास की दीवार पर जोर से पटक देती है. पिल्ला जमीन पर गिरकर तड़पने लगता है.
इसके बाद वह दूसरा पिल्ला उठाती है और उसी तरह दीवार से दे मारती है. दोनों पिल्ले बुरी तरह चोटिल हो जाते हैं, और महिला बिना किसी पछतावे के घर में चली जाती है. यह क्रूर दृश्य देखकर किसी का भी दिल बैठ जाता है.
सोशल मीडिया पर भड़का आक्रोश
यह वीडियो एक्स पर @iamAshwiniyadav द्वारा शेयर किया गया, जहां कैप्शन में लिखा है कि ऐसी महिलाएं किसी की मां कैसे बन सकती हैं. वे इंसान के रूप में श्राप है. उन निर्दोष पिल्लों का क्या दोष था? इस पोस्ट को लाखों बार देखा गया है और हजारों कमेंट्स में लोग महिला की कड़ी निंदा कर रहे है.
ऐसी महिलाएं किसी की माँ क्या बनेंगीं भला... ये इंसान के रूप में श्राप बनकर जन्मी हैं।
उन कुत्ते के बच्चों का क्या दोष था जो उन्हें इस तरह से मार दिया इस राक्षसी ने 💔😥 pic.twitter.com/jNgVdX0KDI— Ashwini Yadav (@iamAshwiniyadav) March 6, 2026
कई यूजर्स ने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. एक यूजर ने लिखा, "ऐसे लोगों पर रहम नहीं किया जाना चाहिए, उनके कर्मों का फल उन्हें जरूर मिलेगा." जानवर प्रेमी संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की और पुलिस से शिकायत दर्ज करने की अपील की है.
कानूनी पहलू और समाज की जिम्मेदारी
भारत में पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम 1960 के तहत जानवरों के साथ दुर्व्यवहार करना अपराध है. इसमें जुर्माना और जेल दोनों की सजा हो सकती है. ऐसी घटनाएं बताती हैं कि हमें समाज में जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ानी होगी. पड़ोस में खेलते पिल्लों से किसी को खतरा नहीं होता, फिर भी गुस्से में निर्दोषों को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है.


