चुनाव आयोग ने बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव से पहले 48 घंटे के 'ड्राई डे' की घोषणा की

चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल के चुनावी क्षेत्रों और पूरे तमिलनाडु में मतदान से 48 घंटे पहले ‘ड्राई डे’ लागू किया है. इस दौरान शराब की बिक्री, वितरण और भंडारण पर सख्त प्रतिबंध रहेगा, जो मतगणना दिवस तक भी लागू रहेगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

भारत निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल के चुनावी क्षेत्रों और पूरे तमिलनाडु में 48 घंटे के ‘ड्राई डे’ की घोषणा की है. आयोग द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए लिया गया है.

आयोग ने दिया हवाला 

आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले तक संबंधित मतदान क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की मादक या नशीली वस्तुओं की बिक्री, वितरण या सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. इस दौरान होटल, रेस्तरां, बार, क्लब, शराब की दुकानें और अन्य सभी स्थानों पर शराब उपलब्ध नहीं कराई जाएगी.

बयान में यह भी कहा गया कि ‘ड्राई डे’ का यह नियम मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय तक प्रभावी रहेगा. यदि किसी कारणवश पुनर्मतदान (री-पोलिंग) होता है, तो उस दिन भी यही प्रतिबंध लागू रहेगा. इस दौरान संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के कानूनों के तहत इसे विधिवत अधिसूचित किया जाएगा.

निर्वाचन आयोग ने धारा 135सी के तहत यह निर्देश जारी करते हुए बताया कि यह प्रतिबंध केवल शराब बेचने वाले प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी संस्थानों पर लागू होगा जिनके पास शराब रखने या परोसने का लाइसेंस है. इसमें क्लब, स्टार होटल और विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंसधारी होटल भी शामिल हैं. इन सभी को निर्दिष्ट अवधि में शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी.

आयोग ने आगे बताया कि चुनाव के हर चरण के दौरान, चाहे वह सामान्य मतदान हो या पुनर्मतदान, ‘ड्राई डे’ के नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे. इसके अलावा, मतगणना के दिन 4 मई को भी ऐसे ही प्रतिबंध लागू रहेंगे, जहां-जहां चुनाव हो रहे हैं वहां शराब की बिक्री और वितरण पर रोक जारी रहेगी.

शराब की बिक्री पर रोक और शराब के भंडारण पर नजर 

इस अवधि के दौरान न केवल शराब की बिक्री पर रोक रहेगी, बल्कि व्यक्तियों द्वारा शराब के भंडारण पर भी नजर रखी जाएगी. बिना लाइसेंस के शराब रखने या संग्रह करने के मामलों में उत्पाद शुल्क कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान भी इसी दिन निर्धारित है और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतगणना 4 मई को की जाएगी.

चुनाव आयोग का यह कदम मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव से मुक्त रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.

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