कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है. चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले हैं. इस बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार 21 अप्रैल को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पारंपरिक बंगाली थाली मछली-भात खाते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उनकी इस तस्वीर और बयानों ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है.
तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो बंगाल में मांस और मछली खाने पर पाबंदी लग जाएगी. अनुराग ठाकुर ने इस भ्रम को तोड़ने के लिए खुद मछली-भात खाकर संदेश दिया. उन्होंने कहा, “हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं. भाजपा 16 राज्यों में और एनडीए 20 राज्यों में सरकार चला रही है, लेकिन कहीं भी किसी के खान-पान, पूजा-पाठ या अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं लगाई गई.”
अनुराग ठाकुर ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 साल के शासन में उनके पास कोई ठोस उपलब्धि नहीं है. इसलिए वे डर और अफवाह फैलाकर वोट मांग रही हैं.
अनुराग ठाकुर ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बंगाल में अपराध और भ्रष्टाचार का माहौल है. इसी वजह से यहां निवेश नहीं आ रहा और युवा ब्रेन ड्रेन होकर राज्य छोड़ रहे हैं. उन्होंने आगामी बदलाव का संकेत देते हुए कहा, “4 मई आएगी और टीएमसी जाएगी.”
भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उन्हें हर तरह की मछली पसंद है जैसे कि चिंगड़ी, मागुर, पाबदा, रोहू या कतला. लेकिन दुख की बात है कि समुद्र, नदियों और तालाबों वाले बंगाल में मत्स्य उद्योग अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हुआ.
श्रृंगला ने दावा किया कि सिलीगुड़ी में मिलने वाली मछली आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात से आती है. उन्होंने पूछा, “बंगाल की मछली कहां है?” और जवाब दिया कि टीएमसी सरकार ने मत्स्य पालन में निवेश नहीं किया और स्थानीय किसानों की अनदेखी की है.
कोलकाता में अनुराग ठाकुर की मछली-भात वाली तस्वीर अब सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गई है. भाजपा इस मुद्दे से तृणमूल कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने की कोशिश कर रही है.
वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे भाजपा की सांस्कृतिक दखलंदाजी बता रही है. बंगाल की राजनीति में भोजन की थाली से लेकर विकास, कानून-व्यवस्था और निवेश तक हर मुद्दा गरम हो चुका है. First Updated : Tuesday, 21 April 2026