एयर इंडिया का सख्त फिटनेस नियम, वजन कंट्रोल न किया तो कटेगा पैसा

एयर इंडिया अब केबिन क्रू की फिटनेस को लेकर सख्त हो गई है. कंप्लायंस चेकअप में आपका बॉडी मास इंडेक्स देखा जाएगा. 18 से 24.9 तक की रेंज को 'परफेक्ट' और 'डिजायर्ड' माना जाएगा. तो चलिए जानते हैं, एयरलाइन ने फिटनेस के लिए कौन-कौन से नए नियम लागू किए हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: एयर इंडिया ने अपने केबिन क्रू सदस्यों के लिए एक नई ‘हेल्थ एंड फिटनेस कंप्लायंस पॉलिसी’ लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है. इस पॉलिसी के तहत बॉडी मास इंडेक्स के आधार पर केबिन क्रू की फिटनेस की जांच होगी और अगर कोई सदस्य तय रेंज से बाहर पाया गया तो उसे ड्यूटी से हटाया जा सकता है, साथ ही सैलरी भी काटी जाएगी. यह नियम 1 मई 2026 से प्रभावी हो जाएंगे और एयरलाइन का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है.

एयर इंडिया ने केबिन क्रू को भेजे गए संदेश में स्पष्ट किया है कि यह पॉलिसी फिलहाल जागरूकता और तैयारी का माध्यम है, लेकिन भविष्य में और भी सख्त फिटनेस मानक लागू किए जा सकते हैं. यह नियम न केवल वर्तमान में उड़ान भर रहे क्रू सदस्यों पर, बल्कि ट्रेनिंग में मौजूद नए सदस्यों पर भी लागू होगा.

BMI की तय रेंज और वर्गीकरण

एयर इंडिया ने BMI को फिटनेस का मुख्य पैमाना बनाया है. कंपनी के अनुसार:18 से 24.9 तक की BMI रीडिंग को ‘नॉर्मल’ और ‘डिजायर्ड रेंज’ माना जाएगा.

  • 18 से कम BMI को ‘अंडरवेट’ श्रेणी में रखा जाएगा.

  • 25 से 29.9 तक की रीडिंग को ‘ओवरवेट’ माना जाएगा.

  • 30 या उससे अधिक BMI को मोटापा की श्रेणी में डाला जाएगा.

अंडरवेट और ओवरवेट कर्मचारियों के लिए नियम

अगर कोई केबिन क्रू सदस्य अंडरवेट या ओवरवेट पाया जाता है, तो उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाएगा. हालांकि, ऐसे सदस्यों को फंक्शनल असेसमेंट पास करने का मौका दिया जाएगा. यदि वे यह असेसमेंट पास कर लेते हैं, तो उन्हें ड्यूटी पर वापस भेजा जा सकता है. लेकिन अगर असेसमेंट में असफल रहते हैं, तो जब तक वे इसे पास नहीं कर लेते, उनकी सैलरी काटी जाएगी.

मोटापे से ग्रस्त क्रू सदस्यों पर सख्त कार्रवाई

जिन केबिन क्रू सदस्यों का BMI 30 या उससे अधिक पाया जाएगा, उनके खिलाफ तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई शुरू होगी. इसमें ड्यूटी से हटाना और सैलरी कटौती शामिल है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सदस्यों को निर्धारित समयसीमा के अंदर स्वीकार्य BMI रेंज हासिल करनी होगी, अन्यथा आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

एयरलाइन का इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य 

एयर इंडिया ने केबिन क्रू को लिखे संदेश में कहा है कि इस पॉलिसी का प्राथमिक लक्ष्य एक हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने के बारे में जागरूकता फैलाना और उन्हें सही वेट कैटेगरी बनाए रखने की प्रक्रिया से परिचित कराना है. कंपनी का कहना है कि मौजूदा पॉलिसी ज्यादा सख्त फिटनेस मानकों वाली भविष्य की नीति के लिए एक तैयारी का काम करेगी.

जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप द्वारा अधिग्रहण के बाद से एयर इंडिया घाटे में चल रही है और पिछले चार वर्षों में अधिकांश पुराने कर्मचारियों को हटाया जा चुका है. अब यह नई फिटनेस पॉलिसी कर्मचारियों की सेहत के साथ-साथ एयरलाइन की परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है.

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