तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, 40 पेट्रोकेमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी हुई शून्य

सरकार ने एक बड़ा तोहफा देते हुए 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है. इस फैसले से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और केमिकल उद्योग को सीधा फायदा पहुंचेगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

भारत सरकार ने ईरान युद्ध के कारण बढ़ते कच्चे तेल के संकट को देखते हुए घरेलू उद्योगों को बड़ा राहत पैकेज दिया है. वित्त मंत्रालय ने गुरुवार, 2 अप्रैल को 40 महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क पूरी तरह माफ करने का आदेश जारी कर दिया. इस फैसले से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की उत्पादन लागत कम होने की उम्मीद है.

सरकार का यह कदम प्लास्टिक, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोबाइल और केमिकल उद्योगों को महंगे कच्चे माल से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है. छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ बढ़ने से रोका जा सकेगा.

40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर शुल्क पूरी तरह माफ

वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब इन उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी शून्य हो गई है. इससे संबंधित उद्योगों की उत्पादन लागत में काफी कमी आएगी और वे कीमतें बढ़ाने से बच सकेंगे.

इन उत्पादों पर हुई शुल्क छूट

  • केमिकल्स: एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और फिनोल.

  • इंडस्ट्रियल कच्चा माल: एसेटिक एसिड, प्यूरिफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA) और एपॉक्सी रेजिन.

  • पॉलिमर: एथिलीन के पॉलिमर और विभिन्न प्रकार के फॉर्मल्डिहाइड.  

उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा

पेट्रोकेमिकल्स लगभग हर उद्योग में इस्तेमाल होते हैं. इस फैसले से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल, ऑटो कंपोनेंट्स और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को विशेष लाभ पहुंचेगा. उत्पादन लागत घटने से इन क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और आम आदमी को महंगाई से राहत मिलेगी.

निर्यातकों को भी बड़ी राहत

ईरान युद्ध के कारण समुद्री व्यापार में आई रुकावट और बढ़ते माल ढुलाई खर्च को देखते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है. पिछले महीने सरकार ने सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) योजना के तहत दरें और वैल्यू कैप बहाल कर दिए हैं. इससे खाड़ी क्षेत्र से प्रभावित निर्यातकों को काफी सहायता मिलेगी.

देश में ईंधन की कोई कमी नहीं

सरकार ने नागरिकों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और एलपीजी का पर्याप्त रणनीतिक भंडार मौजूद है. यह भंडार किसी भी अल्पकालिक आपूर्ति बाधा से निपटने में सक्षम है. साथ ही सरकार वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी तेज कर रही है ताकि देश की विकास गति पर कोई असर न पड़े.

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